
भारत सरकार ने आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत बुजुर्ग नागरिकों के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है, जो न केवल स्वास्थ्य सेवा की सुलभता को बढ़ाती है बल्कि वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सम्मान और सुरक्षा प्रदान करती है।
🔹 योजना का सार: क्या है खास?
अब दिल्ली में रहने वाले 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी नागरिकों को हर वर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा, चाहे वे किसी भी जाति, वर्ग या धर्म से संबंध रखते हों।
यह सुविधा सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी, जिसमें दवाइयों, सर्जरी, भर्ती और पोस्ट-हॉस्पिटल देखभाल जैसी सभी ज़रूरी सेवाएं शामिल हैं।
🔹 इस योजना की विशेषताएँ:
- ✅ आयु की पात्रता: 70 वर्ष या उससे अधिक
- ✅ कोई आय सीमा या जाति प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं
- ✅ इलाज के लिए ₹5 लाख तक की वार्षिक बीमा सुरक्षा
- ✅ सरकार द्वारा नियुक्त वैनों के माध्यम से ऑन-स्पॉट पंजीकरण सुविधा
- ✅ पात्र नागरिकों को नियुक्ति पत्रों का वितरण
🔎 बुजुर्गों के लिए क्यों है यह योजना एक वरदान?
भारत में बढ़ती उम्र के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ भी बढ़ रही हैं। दवाओं, टेस्ट और इलाज की लागत अक्सर बुजुर्गों और उनके परिजनों के लिए आर्थिक बोझ बन जाती है। ऐसे में यह योजना:
- 👴 उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाती है
- 👨👩👧👦 परिवारों को वित्तीय तनाव से राहत देती है
- 🏥 बुजुर्गों को बिना भेदभाव गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा देती है
🗣️ सरकार की मंशा: संवेदनशीलता और सशक्तिकरण
इस नई पहल की घोषणा करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा:
“हमारे बुजुर्गों ने समाज को दिशा दी है। अब हमारी बारी है कि हम उनके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लें। यह योजना सिर्फ एक इलाज नहीं, बल्कि उनका सम्मान है।”
🚐 सुलभ पंजीकरण के लिए विशेष वैन
योजना के व्यापक क्रियान्वयन के लिए आयुष्मान भारत पंजीकरण वैन की शुरुआत की गई है, जो दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर बुजुर्गों का ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण कर रही हैं। इसके साथ ही, नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जा रहे हैं ताकि लाभ प्राप्ति की प्रक्रिया और अधिक सरल हो जाए।
🔖 निष्कर्ष: एक संवेदनशील और दूरदर्शी पहल
यह योजना केवल एक स्वास्थ्य बीमा नहीं, बल्कि बुजुर्गों के प्रति राष्ट्र की संवेदनशीलता का प्रमाण है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार उन्हें भार नहीं, बल्कि समाज की धरोहर मानती है।
अब हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम इस योजना की जानकारी हर ज़रूरतमंद तक पहुँचाएं — ताकि कोई भी बुजुर्ग व्यक्ति इलाज के बिना जीवन की लड़ाई न लड़े।