
जब आसमान से टपकती बूँदें धरती को महकाती हैं, और वादियाँ हरियाली की चादर ओढ़ लेती हैं—तब सापुतारा जीवन का एक नया अध्याय लिखता है। गुजरात के डांग ज़िले में बसा यह एकमात्र हिल स्टेशन हर वर्ष वर्षा ऋतु में बदल जाता है एक रंगीन उत्सव में, जिसे कहते हैं—सापुतारा मानसून फेस्टिवल।
🌿 क्या है इस फेस्टिवल की खासियत?
यह उत्सव केवल बारिश का जश्न नहीं है, बल्कि यह सजीव प्रकृति, जीवंत संस्कृति और जन-जन की भागीदारी का संगम है। जुलाई से लेकर सितंबर तक चलने वाला यह फेस्टिवल गुजरात पर्यटन विभाग की देखरेख में आयोजित होता है और हजारों सैलानियों को हर साल अपनी ओर आकर्षित करता है।
🌄 मुख्य आकर्षण जो बना देते हैं इसे विशेष:
- गिरा धोध झरना: वर्षा के मौसम में पूरी ताकत के साथ बहता यह झरना दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। इसकी गर्जना और पानी की गूंज आत्मा को झंकृत कर देती है।
- यू-टर्न पॉइंट: यह वह जगह है जहाँ घाटियाँ, धुंध और मेघ मिलकर एक स्वप्निल दृश्य रचते हैं। यहाँ से नज़ारा लेना किसी कविता में उतरने जैसा है।
- डॉन हिल ट्रेकिंग ट्रेल: साहसिक प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी रोमांच से कम नहीं। हर कदम पर हरियाली, हर साँस में ताज़गी, और ऊपर बादलों की चादर।
- स्थानीय कला और मेले: पारंपरिक नृत्य, वाद्ययंत्रों की धुन, आदिवासी हस्तशिल्प और बहुरंगी परिधान इस मेले को सांस्कृतिक उत्सव में बदल देते हैं।
🌧️ मानसून में सापुतारा क्यों?
- कुदरत के सबसे खूबसूरत रंग मानसून में ही खिलते हैं।
- हरियाली, ठंडी हवाएँ और बादलों की सरसराहट आत्मा को भीतर तक सुकून देती है।
- यह स्थान ट्रैवल ब्लॉगर, नेचर फोटोग्राफर और शांति चाहने वालों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं।
- साथ ही, यहाँ की आदिवासी जीवनशैली और स्वादिष्ट पारंपरिक भोजन यात्रियों के अनुभव को और भी समृद्ध बनाते हैं।
🛣️ कैसे पहुँचे सापुतारा?
- सड़क मार्ग: सूरत से करीब 160 किमी की दूरी पर स्थित सापुतारा तक आप बस या टैक्सी से पहुँच सकते हैं।
- रेल मार्ग: वघई सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है, जहाँ से सापुतारा तक आसानी से टैक्सी उपलब्ध होती हैं।
- हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा सूरत है, जो भारत के प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है।
✨ निष्कर्ष: एक बार जरूर जाएँ
सापुतारा मानसून फेस्टिवल 2025 केवल एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन नहीं है, यह एक अनुभूति है—प्रकृति की गोद में खुद को दोबारा खोजने का। यदि इस मानसून में आप कुछ अलग, सजीव और सुकूनदायक अनुभव चाहते हैं, तो सापुतारा आपकी प्रतीक्षा कर रहा है।
हर बूंद में कविता है, हर घाटी में संगीत है—बस चल पड़िए, सापुतारा की ओर!