
भारतीय क्रिकेट टीम ने एजबेस्टन के मैदान पर नया इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को दूसरे टेस्ट में 336 रनों से करारी मात दी। यह न केवल सीरीज़ को 1-1 की बराबरी पर लाने वाला मुकाबला रहा, बल्कि यह एजबेस्टन में भारत की पहली टेस्ट जीत के रूप में भी दर्ज हो गया। इस यादगार जीत के केंद्र में रहे युवा तेज़ गेंदबाज़ आकाश दीप, जिनकी धारदार गेंदबाज़ी ने इंग्लिश बल्लेबाज़ों की कमर तोड़ दी।
🎯 आकाश दीप: उभरता हुआ तेज़ गेंदबाज़, जो बना भारत की जीत का सूत्रधार
आकाश दीप ने इस मुकाबले में कुल 10 विकेट अपने नाम किए—पहली पारी में 4/88 और दूसरी पारी में 6/99। इंग्लैंड में किसी भी भारतीय तेज़ गेंदबाज़ द्वारा किया गया यह प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ में से एक माना जा रहा है। चौथे दिन का उनका स्पेल खासकर निर्णायक रहा, जब उन्होंने बेन डकेट और जो रूट जैसे सीनियर बल्लेबाज़ों को पवेलियन का रास्ता दिखाया।
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:
“आकाश दीप का चौथे दिन का स्पेल ही वह क्षण था, जिसने पूरे मैच की दिशा बदल दी। उन्होंने जिस आक्रामकता और अनुशासन के साथ गेंदबाज़ी की, वही हमारी जीत की नींव बना।”
🧠 टीम संयोजन: सुंदर को क्यों चुना कुलदीप पर
टीम चयन को लेकर शुभमन गिल ने बताया कि वाशिंगटन सुंदर को कुलदीप यादव के बजाय शामिल करना रणनीतिक फैसला था। सुंदर ने पहली पारी में 42 उपयोगी रन बनाए और दूसरी पारी में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स का कीमती विकेट भी चटकाया।
गिल ने स्पष्ट किया:
“हमने टीम में गहराई और संतुलन को प्राथमिकता दी। सुंदर बल्लेबाज़ी और स्पिन दोनों में स्थिरता ला सकते थे, और उन्होंने वही किया।”
🏏 सिर्फ जीत नहीं, सोच में बदलाव की मिसाल
एजबेस्टन में मिली इस जीत ने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट अब सिर्फ घरेलू मैदानों तक सीमित नहीं रहा। टीम की रणनीति में आक्रामकता, युवा खिलाड़ियों पर भरोसा और सही संतुलन ने विदेशी ज़मीन पर भी भारत को विजय दिलाने की दिशा में अग्रसर किया है।
📝 निष्कर्ष:
यह एजबेस्टन टेस्ट सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि एक मानसिकता की बानगी है। आकाश दीप जैसे युवा सितारों की चमक और शुभमन गिल की सूझ-बूझ भरी कप्तानी इस बात का संकेत है कि अब भारत विश्व क्रिकेट में कहीं भी, किसी भी हालात में जीतने के इरादे से उतरता है।