
वाशिंगटन, 8 जुलाई 2025:
इज़राइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने वाशिंगटन में अमेरिकी सीनेटर मार्को रुबियो से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। यह बैठक हाउस ऑफ ब्लेयर में आयोजित की गई, जहां दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि “हमने एक गहन और महत्वपूर्ण बातचीत की, जिसका उद्देश्य इज़राइल और अमेरिका के बीच गठबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। हमने उन साझा चुनौतियों पर चर्चा की जो हमें क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रभावित करती हैं।”
🔹 सहयोग की नई संभावनाएं
यह बैठक ऐसे समय पर हुई है जब मध्य पूर्व में अस्थिरता और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव चरम पर हैं। नेतन्याहू और रुबियो दोनों ही लंबे समय से आपसी रक्षा सहयोग, तकनीकी नवाचार, और आतंकवाद से निपटने में संयुक्त रणनीति को प्राथमिकता देते रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में रक्षा समझौतों को मजबूत करने, साइबर सुरक्षा में सहयोग, और ईरान की गतिविधियों पर रणनीतिक समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
🔹 नेतन्याहू की अमेरिका यात्रा का महत्व
नेतन्याहू की यह अमेरिका यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नया आयाम देने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे यह भी संकेत मिलता है कि इज़राइल अमेरिका के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री द्वारा अमेरिकी सीनेटरों और उच्च अधिकारियों से मिलना यह दर्शाता है कि इज़राइल की विदेश नीति में अमेरिका अब भी एक अहम स्तंभ बना हुआ है।
🔹 मार्को रुबियो की भूमिका
सीनेटर मार्को रुबियो अमेरिकी सीनेट में एक प्रभावशाली रिपब्लिकन नेता माने जाते हैं और वे विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और इज़राइल के समर्थन के मामलों में प्रमुख आवाज़ रहे हैं। नेतन्याहू के साथ उनकी इस बैठक को दोनों देशों के बीच वैचारिक और कूटनीतिक एकता का प्रतीक माना जा रहा है।
निष्कर्ष:
बिन्यामिन नेतन्याहू और मार्को रुबियो की यह मुलाकात इज़राइल-अमेरिका रिश्तों को एक नई मजबूती देने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देशों के बीच सहयोग के कौन-कौन से नए रास्ते खुलते हैं।