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🚍 ‘सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना: महिला और ट्रांसजेंडर सशक्तिकरण की नई राह


Anoop singh

दिल्ली सरकार ने एक और ऐतिहासिक पहल करते हुए महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक समावेशी और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर आरंभ होने वाली ‘सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना का उद्देश्य है – समाज के इन वर्गों को आत्मनिर्भरता और गरिमा के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना।

🎯 उद्देश्य और विज़न

🧾 योजना की प्रमुख विशेषताएँ

बिंदु विवरण पात्रता दिल्ली की निवासी महिलाएं और ट्रांसजेंडर व्यक्ति (12 वर्ष और उससे अधिक आयु) कार्ड प्रकार नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) मानक पर आधारित कार्ड सक्रियता ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFCS) के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया डीटीसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन और बैंक केवाईसी अनिवार्य वितरण प्रणाली कार्ड लाभार्थियों को डाक से उनके घर भेजा जाएगा यात्रा शुल्क पूरी तरह से मुफ्त, पर बैंक द्वारा मामूली शुल्क संभव डुप्लिकेट कार्ड सुविधा कार्ड गुम होने पर पुनः जारी करने की सुविधा

📊 योजना का सामाजिक और आर्थिक असर

🧩 राजनीतिक बहस और आलोचनाएं

मार्च 2025 में विपक्षी दलों, खासकर भारतीय जनता पार्टी, ने योजना को लेकर 500 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप लगाया। लेकिन दिल्ली सरकार का तर्क है कि यह खर्च लाभ की तुलना में नगण्य है और यह योजना सामाजिक न्याय, समानता और अवसर की बराबरी की दिशा में निवेश है।

🌈 सामाजिक बदलाव की दिशा में एक कदम

‘सहेली स्मार्ट कार्ड’ केवल एक यात्रा साधन नहीं, बल्कि यह समाज के उस हिस्से को आवाज, स्थान और सम्मान देता है जो वर्षों से हाशिए पर रहा है। यह योजना महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को न केवल सुरक्षित और मुफ्त यात्रा का अवसर देती है, बल्कि उन्हें शहरी जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने की शक्ति भी देती है।


📢 नारा (स्लोगन):
“सहेली कार्ड से सफर नहीं, सम्मान भी मिलता है!”


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