
दिल्ली सरकार ने एक और ऐतिहासिक पहल करते हुए महिलाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक समावेशी और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। स्वतंत्रता दिवस 2025 के अवसर पर आरंभ होने वाली ‘सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना का उद्देश्य है – समाज के इन वर्गों को आत्मनिर्भरता और गरिमा के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना।
🎯 उद्देश्य और विज़न
- डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर नागरिकों को नि:शुल्क यात्रा प्रदान करना।
- सार्वजनिक परिवहन में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना।
- यात्रा को डिजिटल, पारदर्शी और सहज बनाना।
🧾 योजना की प्रमुख विशेषताएँ
बिंदु विवरण पात्रता दिल्ली की निवासी महिलाएं और ट्रांसजेंडर व्यक्ति (12 वर्ष और उससे अधिक आयु) कार्ड प्रकार नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) मानक पर आधारित कार्ड सक्रियता ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम (AFCS) के जरिए पंजीकरण प्रक्रिया डीटीसी की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन और बैंक केवाईसी अनिवार्य वितरण प्रणाली कार्ड लाभार्थियों को डाक से उनके घर भेजा जाएगा यात्रा शुल्क पूरी तरह से मुफ्त, पर बैंक द्वारा मामूली शुल्क संभव डुप्लिकेट कार्ड सुविधा कार्ड गुम होने पर पुनः जारी करने की सुविधा
📊 योजना का सामाजिक और आर्थिक असर
- वर्ष 2022 में पिंक टिकट योजना के अंतर्गत महिलाएं कुल बस यात्रियों का लगभग 32% थीं, जो उनकी सहभागिता को दर्शाता है।
- कोविड के बाद बस यात्रियों की संख्या में गिरावट के बावजूद, 2022 में यह संख्या लगभग 125 करोड़ यात्रियों तक पहुंची — जो पूर्व-कोविड स्तर का 75% है।
- नई योजना से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि यह निजी वाहनों की निर्भरता को भी घटाएगी, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी।
🧩 राजनीतिक बहस और आलोचनाएं
मार्च 2025 में विपक्षी दलों, खासकर भारतीय जनता पार्टी, ने योजना को लेकर 500 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप लगाया। लेकिन दिल्ली सरकार का तर्क है कि यह खर्च लाभ की तुलना में नगण्य है और यह योजना सामाजिक न्याय, समानता और अवसर की बराबरी की दिशा में निवेश है।
🌈 सामाजिक बदलाव की दिशा में एक कदम
‘सहेली स्मार्ट कार्ड’ केवल एक यात्रा साधन नहीं, बल्कि यह समाज के उस हिस्से को आवाज, स्थान और सम्मान देता है जो वर्षों से हाशिए पर रहा है। यह योजना महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को न केवल सुरक्षित और मुफ्त यात्रा का अवसर देती है, बल्कि उन्हें शहरी जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने की शक्ति भी देती है।
📢 नारा (स्लोगन):
“सहेली कार्ड से सफर नहीं, सम्मान भी मिलता है!”