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🇮🇱 नेतन्याहू-ट्रम्प मुलाकात: संघर्ष, सुरक्षा और भविष्य की दिशा में साझेदारी


Anoop singh

इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ व्हाइट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह मुलाकात न केवल वर्तमान संघर्ष और इज़रायल की सैन्य रणनीतियों पर केंद्रित थी, बल्कि इज़रायल-अमेरिका सहयोग के भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस बैठक की जानकारी नेतन्याहू ने एक आधिकारिक पोस्ट के ज़रिए साझा की, जिसमें उन्होंने कई संवेदनशील और सामरिक मुद्दों को उठाया।


बंदियों की रिहाई पर फोकस

नेतन्याहू ने इस पोस्ट में स्पष्ट किया कि इज़रायली सरकार का मौजूदा प्राथमिक उद्देश्य गाज़ा में बंधक बनाए गए अपने नागरिकों और सैनिकों की रिहाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास सैन्य दबाव के माध्यम से संभव हो पा रहा है, और इज़रायल इस लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष की कीमत भारी है — जिसमें कई बहादुर सैनिकों ने अपने प्राण गंवाए हैं।


हमास के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई

नेतन्याहू ने यह दोहराया कि इज़रायल का लक्ष्य सिर्फ बंधकों की रिहाई नहीं, बल्कि हमास की सैन्य क्षमताओं और शासन व्यवस्था का पूरी तरह से उन्मूलन करना है। यह एक लंबी रणनीति का हिस्सा है, जिससे गाज़ा को इज़रायल के लिए कभी खतरा न बनने दिया जाए। उनके अनुसार, यह कार्रवाई इज़रायल की राष्ट्रीय सुरक्षा को दीर्घकालिक स्थायित्व प्रदान करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।


ईरान पर चर्चा और क्षेत्रीय स्थिरता

इस बैठक में ईरान के मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा हुई। नेतन्याहू ने ट्रम्प के साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उससे उत्पन्न खतरों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने इसे “सबसे बड़ा रणनीतिक खतरा” करार दिया और कहा कि इसके समाधान के लिए अमेरिका और इज़रायल को मिलकर काम करना होगा।


अब्राहम समझौते और क्षेत्रीय विस्तार की उम्मीद

नेतन्याहू ने ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान हुए अब्राहम समझौते की सराहना की, जिसने इज़रायल को कई अरब देशों के साथ कूटनीतिक संबंध स्थापित करने का अवसर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसी प्रकार की पहल भविष्य में भी शांति और स्थिरता का आधार बन सकती है। यह संदेश विशेष रूप से ट्रम्प को इज़रायल के नागरिकों की ओर से उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद स्वरूप था।


निष्कर्ष: साझेदारी से भविष्य की ओर

यह मुलाकात स्पष्ट रूप से दिखाती है कि नेतन्याहू और ट्रम्प के बीच एक मजबूत राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्ता है, जो इज़रायल की सुरक्षा, रणनीति और क्षेत्रीय स्थिति को मज़बूत करने में सहायक है। इस बैठक में की गई चर्चाएँ इज़रायल के लिए न केवल वर्तमान संकटों से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं, बल्कि एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रखने का संकेत भी देती हैं।


🔍 विशेष टिप्पणी:
नेतन्याहू का यह बयान इस बात का प्रमाण है कि इज़रायल अब केवल तात्कालिक सुरक्षा उपायों पर निर्भर नहीं है, बल्कि वह रणनीतिक दीर्घकालिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्राथमिकता दे रहा है।


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