
रियो डी जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025 के अवसर पर चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की मुलाकात वैश्विक राजनीति में एक अहम पड़ाव साबित हुई। इस बैठक ने अंतरराष्ट्रीय प्रणाली में संयुक्त राष्ट्र की अहम भूमिका को लेकर चीन की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया।
संयुक्त राष्ट्र, जो पिछले 80 वर्षों से अधिक समय से विश्व शांति, सहयोग और विकास के क्षेत्र में सक्रिय है, आज भी एक ऐसा मंच बना हुआ है जहाँ संवाद और साझा समाधान को प्राथमिकता दी जाती है। वर्तमान समय में जब विश्व अनेक प्रकार की जटिल चुनौतियों से जूझ रहा है—चाहे वह जलवायु संकट हो, क्षेत्रीय संघर्ष हों या आर्थिक असमानता—ऐसे में संयुक्त राष्ट्र का प्रासंगिक और सशक्त बने रहना और भी ज़रूरी हो गया है।
प्रधानमंत्री ली कियांग ने इस बातचीत में इस बात पर ज़ोर दिया कि चीन सच्चे बहुपक्षवाद का समर्थक है और वैश्विक शासन में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को न केवल मान्यता देता है, बल्कि उसे मजबूत करने का भी इच्छुक है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन, अन्य राष्ट्रों के साथ मिलकर, संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों और उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
ब्रिक्स मंच, जिसमें ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं, वैश्विक दक्षिण की आवाज़ को बुलंद करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नया आयाम देने का माध्यम बन चुका है। इस प्रकार ली कियांग और गुटेरेस की यह बैठक न केवल कूटनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रही, बल्कि यह संकेत भी देती है कि विश्व की बड़ी शक्तियाँ साझा वैश्विक भविष्य की दिशा में सामूहिक प्रयासों के लिए तैयार हैं।