
दिल्ली, 10 जुलाई 2025 – गुरुवार सुबह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 4.4 तीव्रता के भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को चौंका दिया। इस भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर जिले में था और इसका प्रभाव दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और आसपास के इलाकों में साफ महसूस किया गया। सुबह 9:04 बजे के करीब आए इन झटकों से कई इलाकों में लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल ने इस भूकंप के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “उम्मीद है कि सभी लोग सुरक्षित हैं। हम सभी की कुशलता और भलाई के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।”
भूकंप की जानकारी:
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई और यह झज्जर (हरियाणा) में 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि दिल्ली-एनसीआर के कई क्षेत्रों में लोग घबराकर बाहर निकल आए।
भूकंप विवरण:
तारीख: 10 जुलाई 2025
समय: 09:04:50 IST
स्थान: झज्जर, हरियाणा
गहराई: 10 किलोमीटर
अक्षांश-देशांश: 28.63°N, 76.68°E
दिल्ली की भूकंपीय स्थिति:
दिल्ली को भूकंपीय क्षेत्र जोन IV में रखा गया है, जिसे “उच्च क्षति जोखिम क्षेत्र” (High Damage Risk Zone) माना जाता है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस क्षेत्र में मध्यम से उच्च तीव्रता वाले भूकंप आने की संभावना हमेशा बनी रहती है।
पिछला भूकंप:
इससे पहले 17 फरवरी 2024 को भी दिल्ली-एनसीआर में 4.0 तीव्रता का भूकंप आया था। उस समय इसका केंद्र दिल्ली से लगभग 9 किलोमीटर दूर था और झटके सुबह 5:36 बजे महसूस किए गए थे।
17 फरवरी 2024 भूकंप विवरण:
तीव्रता: 4.0
समय: सुबह 5:36 बजे
गहराई: 5 किलोमीटर
स्थान: दिल्ली के पास, अक्षांश 28.59°N, देशांश 77.16°E
निष्कर्ष:
बार-बार आ रहे इन भूकंपों ने दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को सतर्क कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए आपदा प्रबंधन और निर्माण मानकों में अधिक सख्ती और जागरूकता की आवश्यकता है।
अरविंद केजरीवाल की ओर से व्यक्त की गई चिंता आम जनता की सुरक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाती है। साथ ही, यह समय है जब नागरिकों को भी सतर्क रहना होगा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।