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गुजरात पुल हादसे पर खड़गे का प्रहार: ‘भ्रष्टाचार और नेतृत्व विफलता की त्रासदी’


Anoop singh

नई दिल्ली, 10 जुलाई 2025 — गुजरात के वडोदरा जिले में हाल ही में हुए गंभीरा पुल हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्घटना में कई निर्दोष लोगों की जान चली गई, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इसका तीव्र असर देखने को मिला। इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र की मोदी सरकार और सत्तारूढ़ बीजेपी पर तीखा हमला बोला है।

खड़गे ने अपने आधिकारिक बयान और सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “भारत में अब हादसे आम बात बन चुके हैं। कहीं ट्रेन दुर्घटनाएँ हो रही हैं, तो कहीं पुल ध्वस्त हो रहे हैं। ये केवल तकनीकी त्रुटियाँ नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की गहरी साजिश हैं।”

उन्होंने बताया कि जिस गंभीरा पुल के गिरने से 12 लोगों की मृत्यु हुई, उसके बारे में पहले ही एक तकनीकी रिपोर्ट में गंभीर चेतावनी दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार पुल में कंपन (vibration) के कारण संरचनात्मक जोखिम था, लेकिन तीन वर्षों तक कोई ठोस मरम्मत या निगरानी नहीं की गई। यह दर्शाता है कि सरकार के पास न तो इच्छाशक्ति है और न ही संवेदनशीलता।

खड़गे ने आरोप लगाया, “2021 के बाद से अब तक गुजरात में सात पुल गिर चुके हैं। क्या यह केवल संयोग है या फिर सरकार की निष्क्रियता और ठेकेदारी व्यवस्था में गहराई तक फैले भ्रष्टाचार का नतीजा?”

उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी का नेतृत्व केवल प्रचार, इवेंट और भाषणों तक सीमित रह गया है, जबकि ज़मीनी स्तर पर जनता की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की देखभाल उपेक्षित पड़ी है। “यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि शासन के नैतिक दिवालिएपन का प्रमाण है,” उन्होंने कहा।

खड़गे ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए यह भी जोड़ा कि जनता अब जागरूक हो रही है और जब समय आएगा, तो इन विफलताओं का राजनीतिक जवाब ज़रूर देगी।


निष्कर्ष
गुजरात पुल हादसा केवल एक निर्माणात्मक विफलता नहीं, बल्कि देश की शासन व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न है। मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान इस ओर इशारा करता है कि राजनीतिक जवाबदेही की माँग अब और भी सशक्त होती जा रही है।


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