
वाशिंगटन डी.सी., 10 जुलाई 2025: अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA एक बड़े झटके की ओर बढ़ रही है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन की प्रस्तावित बजट कटौती योजना के चलते कम से कम 2,145 वरिष्ठ कर्मचारियों को एजेंसी से बाहर होना पड़ेगा। यह निर्णय संघीय खर्चों में कटौती और सरकारी कार्यप्रणाली को ‘स्ट्रीमलाइन’ करने की नीति के तहत लिया गया है।
बजट में 25% तक की भारी कटौती प्रस्तावित
Politico द्वारा प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, NASA के बजट में लगभग 25% तक की कटौती प्रस्तावित है, जिससे न केवल कर्मचारी प्रभावित होंगे, बल्कि अंतरिक्ष अनुसंधान और मिशनों की गति भी धीमी हो सकती है। यह प्रस्तावित कटौती वर्ष 2026 के बजट में शामिल है, जिसकी सिफारिश अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की है।
सीनेट को भेजे गए पत्र में खुलासा
यह रिपोर्ट उस पत्र के बाद आई है, जिसे मई 2025 में राष्ट्रपति कार्यालय ने सीनेट की एप्रोप्रियेशन्स कमेटी की चेयरपर्सन सुसान कॉलिंस को भेजा था। पत्र में वर्ष 2026 के लिए बजटीय सिफारिशों का विवरण था, जो 2025 के बजट की गहन समीक्षा के बाद तैयार किया गया था।
NASA के नौ प्रमुख क्षेत्रों में कटौती
प्रशासन ने NASA के नौ में से आठ क्षेत्रों में बजट कटौती की योजना बनाई है, जिनमें शामिल हैं:
- स्पेस साइंस
- मिशन सपोर्ट
- अर्थ साइंस
- मानव अन्वेषण प्रणाली
- स्पेस टेक्नोलॉजी
- अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन
- एयरोनॉटिक्स
- STEM शिक्षा कार्यालय (विज्ञान, तकनीक, अभियांत्रिकी और गणित)
रिटायरमेंट, बायआउट्स और स्वैच्छिक इस्तीफे से होगी कटौती
NASA की ओर से कर्मचारियों के लिए जल्दी रिटायरमेंट, बायआउट्स और स्वैच्छिक इस्तीफों की पेशकश की गई है, ताकि छंटनी को ‘नरम’ तरीके से लागू किया जा सके।
कई महत्त्वपूर्ण परियोजनाएं संकट में
ट्रंप ने अपने पत्र में कुछ प्रमुख वैज्ञानिक कार्यक्रमों की फंडिंग समाप्त करने की सिफारिश की थी, जैसे:
- जलवायु निगरानी उपग्रह
- स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट
- ओरियन कैप्सूल
- चालक दल और मालवाहन उड़ानों की संख्या में कटौती
निष्कर्ष:
NASA जैसी वैज्ञानिक और अनुसंधान-प्रधान संस्था पर इस तरह की बजट कटौती केवल अमेरिका की विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भूमिका को कमजोर करेगी, बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण में उसकी अग्रणी स्थिति पर भी प्रश्नचिन्ह लगा सकती है। जबकि प्रशासन का लक्ष्य सरकारी खर्च को सीमित करना है, लेकिन इस फैसले के दीर्घकालिक प्रभाव गहरे हो सकते हैं — वैज्ञानिक प्रतिभाओं का पलायन, अनुसंधान की गति में गिरावट, और अमेरिका की अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा में भूमिका में गिरावट।