
भारत एक बार फिर शहरी स्वच्छता और सतत जीवनशैली के क्षेत्र में अपने संकल्प को सशक्त बनाने की दिशा में अग्रसर है। 17 जुलाई 2025 को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के तहत 9वें स्वच्छ शहर पुरस्कार समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह विश्व का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण है, जिसमें 4,589 शहरों ने भाग लिया है। यह भारत की स्वच्छ और स्वस्थ शहरी जीवन शैली की दिशा में की जा रही निरंतर कोशिशों का प्रतीक है।
इस वर्ष के सर्वेक्षण की थीम “Reduce, Reuse, Recycle” यानी “कम करो, पुन: उपयोग करो, पुनर्चक्रण करो” रखी गई है, जिसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने विशेष रूप से रेखांकित किया है। यह थीम न केवल एक नारा है, बल्कि यह सर्कुलर इकोनॉमी (परिपत्र अर्थव्यवस्था) को बढ़ावा देने की एक ठोस रणनीति है। इसका उद्देश्य है शहरों को अपशिष्ट प्रबंधन में नवाचार अपनाने, संसाधनों की कुशलता से उपयोग करने और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने की दिशा में प्रेरित करना।
स्वच्छ सर्वेक्षण की शुरुआत एक प्रतिस्पर्धात्मक मॉडल के रूप में की गई थी, जिससे नगर निकायों को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन सेवाओं में सुधार के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। यह सर्वे नागरिकों की प्रतिक्रिया, सीधी निगरानी और सेवा स्तर की प्रगति जैसे कई मापदंडों पर शहरों का मूल्यांकन करता है।
अब जब पुरस्कार समारोह में मात्र दो दिन शेष हैं, देशभर में उत्साह चरम पर है। यह आयोजन न केवल श्रेष्ठ शहरों को सम्मानित करेगा, बल्कि अन्य नगरपालिकाओं के लिए एक प्रेरणा बनेगा। यह पहल भारत के स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की ओर बढ़ते कदमों का प्रमाण है, जो वैश्विक पर्यावरणीय लक्ष्यों के अनुरूप है।