
प्रस्तावना
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में एक बार फिर तनाव की लहर दौड़ गई है। चीन द्वारा ताइवान के चारों ओर अपने सैन्य कदमों को तेज़ करने से न सिर्फ ताइवान की सुरक्षा व्यवस्था सतर्क हुई है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इसकी गंभीरता को लेकर चिंतित नजर आ रहा है।
चीन की सैन्य गतिविधियाँ: एक नजर
ताइवान के रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की गई नवीनतम रिपोर्ट में बताया गया है कि हाल ही में चीन ने बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती की है।
- 58 चीनी लड़ाकू और निगरानी विमान ताइवान के आसमान में देखे गए।
- 9 युद्धपोतों और एक सरकारी जहाज ने समुद्री क्षेत्र में गश्त लगाई।
- इनमें से 45 विमान ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (ADIZ) में प्रवेश कर गए, जो देश के उत्तर से लेकर दक्षिण-पश्चिम और पूर्व तक फैला हुआ है।
ताइवान की त्वरित प्रतिक्रिया
इस गंभीर गतिविधि के मद्देनज़र ताइवान ने अपनी सुरक्षा निगरानी प्रणाली को सक्रिय किया। रडार प्रणाली, हवाई गश्ती अभियान और मिसाइल रोधी व्यवस्थाएं तत्परता से कार्यरत रहीं।
ताइवान ने न केवल आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों को भी जानकारी साझा की, ताकि व्यापक रणनीतिक संतुलन सुनिश्चित किया जा सके।
क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय समीकरण
- यह सैन्य तनाव चीन की उस नीति का संकेत है जिसमें वह ताइवान को “अपना अभिन्न हिस्सा” मानकर उस पर दबाव बनाने की कोशिश करता है।
- अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश ताइवान की सुरक्षा के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं और उन्होंने इस घटनाक्रम पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
- यह स्थिति पूर्वी एशिया और दक्षिण चीन सागर में अस्थिरता को और गहरा कर सकती है, जिसका असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और सामरिक संतुलन पर भी पड़ेगा।
समापन विचार
ताइवान के चारों ओर चीन की बढ़ती सैन्य हलचल अब सिर्फ एक द्वीप और एक महाशक्ति का संघर्ष नहीं रहा। यह मामला आज अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, संप्रभुता और वैश्विक शांति से जुड़ा हुआ है। आवश्यकता है कि सभी लोकतांत्रिक राष्ट्र मिलकर इस परिस्थिति का शांतिपूर्ण समाधान निकालें और ताइवान की सुरक्षा व स्वतंत्रता के प्रति अपना समर्थन सुनिश्चित करें।