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🇮🇳 पहल्गाम हमला: अमेरिका द्वारा TRF को ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ घोषित करने पर भारत ने जताई सराहना


प्रस्तावना

18 जुलाई 2025 को भारत ने एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय निर्णय का स्वागत किया, जिसमें अमेरिका ने पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन TRF (द रेसिस्टेंस फ्रंट) को “विदेशी आतंकवादी संगठन” (Foreign Terrorist Organisation – FTO) घोषित किया। यह फैसला उस आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें TRF ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थल पहल्गाम में हुए भीषण हमले की जिम्मेदारी ली थी।


TRF: एक छद्म आतंकी चेहरा

TRF को लश्कर-ए-तैय्यबा (LeT) का ही एक नया और छद्म चेहरा माना जाता है, जिसे पाकिस्तान में स्थित आतंकी नेटवर्कों द्वारा चलाया जा रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा कि TRF, LeT का ही विस्तारित रूप है, जो भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक नए नाम से कार्यरत है।


भारत की प्रतिक्रिया

भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी सरकार के इस कदम को भारत-अमेरिका के बीच मज़बूत आतंकवाद विरोधी सहयोग का प्रतीक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर लिखा:

“TRF को FTO और SDGT (Specially Designated Global Terrorist) घोषित करने के लिए @SecRubio और @StateDept का आभार। यह लश्कर-ए-तैय्यबा का छद्म संगठन है जिसने 22 अप्रैल के पहल्गाम हमले की जिम्मेदारी ली थी। आतंकवाद के लिए शून्य सहनशीलता होनी चाहिए।”


हमले का विवरण

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थल पहल्गाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। इस हमले ने क्षेत्र में तनाव की लहर दौड़ा दी और भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव भी बढ़ गया, जो चार दिन तक चला। अमेरिका ने इस हमले को 2008 के मुंबई हमलों के बाद सबसे गंभीर नागरिक नरसंहार करार दिया है।


अमेरिका का रुख

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा जारी बयान में कहा गया कि TRF को FTO और SDGT की श्रेणी में डालना वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह कदम न केवल भारत के साथ एकजुटता दिखाता है, बल्कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेनकाब करता है।


निष्कर्ष

अमेरिका द्वारा TRF को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करना भारत के लिए एक कूटनीतिक जीत है और यह आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकता का संदेश देता है। ऐसे निर्णय भारत के उन प्रयासों को समर्थन देते हैं जो आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में हैं। पहल्गाम हमले जैसे वीभत्स कृत्य तभी रोके जा सकते हैं जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय सामूहिक रूप से ऐसे संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे।


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