
नई दिल्ली, 18 जुलाई 2025:
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में उस समय हड़कंप मच गया जब 20 से अधिक स्कूलों को ईमेल के माध्यम से बम धमकियाँ प्राप्त हुईं। शुक्रवार सुबह जैसे ही यह जानकारी सामने आई, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें अलर्ट हो गईं और प्रभावित स्कूल परिसरों की ओर रवाना हो गईं।
पश्चिम विहार स्थित रिचमंड ग्लोबल स्कूल द्वारा बम धमकी की सूचना देने के बाद प्रशासन सतर्क हुआ। इसके तुरंत बाद, दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं। दिल्ली अग्निशमन सेवा विभाग ने पुष्टि की कि मामला गंभीर है और विस्तृत जांच जारी है।
🔍 धमकी भरे ईमेल में क्या लिखा था?
पुलिस के अनुसार, भेजे गए धमकी भरे ईमेल में लिखा था कि स्कूलों में कई विस्फोटक उपकरण (टीएनटी – ट्रिनिट्रोटोलुएन) छुपाकर रखे गए हैं। ये विस्फोटक काले प्लास्टिक की थैलियों में छिपाए गए हैं ताकि वे आसानी से न मिल सकें। मेल भेजने वाले ने लिखा:
“मैं तुम्हें इस दुनिया से मिटा दूँगा। एक भी जीवित नहीं बचेगा। मैं समाचार देखकर हँसूँगा, जब माता-पिता अपने बच्चों की ठंडी और टुकड़ों में बटी लाशों के साथ मिलेंगे।”
ईमेल में आत्महत्या की धमकी, मानसिक स्वास्थ्य प्रणाली के प्रति नफरत, और समाज के प्रति गहरा गुस्सा भी जाहिर किया गया। मेल में लिखा गया:
“मुझे मेरी जिंदगी से नफरत है। मैं अपनी कलाई काटकर और गला रेतकर जान दे दूँगा। किसी ने मेरी मदद नहीं की, न मनोचिकित्सकों ने, न परिवार ने। तुम सबको भी मेरे जैसी ही पीड़ा झेलनी चाहिए।”
🏫 किन स्कूलों को मिली धमकी?
धमकी प्राप्त करने वाले स्कूलों में कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं:
सेंट थॉमस स्कूल, द्वारका
वसंत वैली स्कूल, वसंत कुंज
मदर्स इंटरनेशनल स्कूल, हौज खास
रिचमंड ग्लोबल स्कूल, पश्चिम विहार
सरदार पटेल विद्यालय, लोधी एस्टेट
सरदार पटेल विद्यालय ने बुधवार सुबह ही पुलिस के निर्देश पर एहतियातन छुट्टी की घोषणा कर दी थी।
🚔 प्रशासन की कार्रवाई
जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस की बम निरोधक टीमों और फायर ब्रिगेड को तुरंत स्कूल परिसरों में भेजा गया। सभी स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू हुआ। बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
⚠️ पृष्ठभूमि और संभावित खतरा
यह घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब कुछ दिन पहले ही दिल्ली के करीब 10 स्कूलों और एक कॉलेज को भी इसी प्रकार की धमकियाँ मिली थीं। इससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि यह किसी मानसिक रूप से परेशान व्यक्ति का कार्य हो सकता है, या फिर यह किसी सुनियोजित साजिश की शुरुआत भी हो सकती है।
🛡️ निष्कर्ष
इस प्रकार की घटनाएं समाज में भय और अस्थिरता फैलाती हैं। यह आवश्यक है कि सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लें और दोषियों को शीघ्र पकड़ा जाए। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी समाज में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है ताकि ऐसे असंतुलित विचारों को समय रहते रोका जा सके।