
नई दिल्ली, 22 जुलाई 2025 — समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने संसद में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर गहन चर्चा की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर हमले पर सरकार को खुलकर चर्चा करनी चाहिए और इस बात को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर खुफिया एजेंसियों से चूक कैसे हुई।
अखिलेश यादव ने सरकार से पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि देश के नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि हमला कैसे हुआ और क्या इसे रोका जा सकता था। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को विपक्ष की चिंताओं को गंभीरता से सुनना चाहिए।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “पहलगाम आतंकी हमला बेहद गंभीर मुद्दा है। सभी विपक्षी दल चाहते हैं कि इस पर संसद में चर्चा हो। सरकार को बताना चाहिए कि वहां क्या हुआ और क्या यह खुफिया विफलता का परिणाम था। प्रधानमंत्री को विपक्ष की आवाज़ सुननी चाहिए और हमें भी सरकार का पक्ष जानने का अवसर मिलना चाहिए।”
इससे पहले दिन में, विपक्ष ने पहलगाम हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की अपनी मांग को दोहराया। कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि सभी INDIA गठबंधन के सांसदों ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं और वे चाहते हैं कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी में चर्चा हो।
हालांकि, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि लोकसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति नहीं दी, जिससे चर्चा एकतरफा हो गई। के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, “संसदीय कार्य मंत्री और रक्षा मंत्री ने सदन में बात की, लेकिन नेता प्रतिपक्ष को नहीं बोलने दिया गया। सदन अब एकतरफा हो गया है। हम पूरी तरह से चर्चा के लिए तैयार हैं, बशर्ते सरकार शुरुआत करे।”
कांग्रेस सांसद सप्तगिरी संकर उल्का ने भी ANI से बातचीत में कहा कि पहलगाम आतंकी हमले जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा आवश्यक है और नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका अवश्य मिलना चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि विपक्ष सरकार से न केवल जवाबदेही चाहता है, बल्कि आतंकवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर गंभीर बहस की भी अपेक्षा रखता है। अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है — पारदर्शिता का रास्ता या चुप्पी की दीवार।