
नई दिल्ली, 23 जुलाई 2025 (ANI): कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर कांग्रेस यूनिट के नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में मौजूदा राजनीतिक हालात, जनसमस्याएं और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
बैठक के बाद, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तारिक हमीद कर्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, “आज के दौर में राहुल गांधी ही जम्मू-कश्मीर की आखिरी उम्मीद हैं।” उन्होंने कहा कि प्रदेश के आम नागरिक आज भी असमंजस और असंतुलन की स्थिति का सामना कर रहे हैं।
कांग्रेस के महासचिव गुलाम अहमद मीर ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में दोहरी सत्ता का ढांचा बन गया है जिससे आम आदमी को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा, “इसी संसद ने जम्मू-कश्मीर की विशेष राज्य का दर्जा छीना था। आज हम उसी संसद से न्याय की मांग कर रहे हैं, भीख नहीं।”
गुलाम मीर ने यह भी दोहराया कि केंद्र सरकार ने जो वादे जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए थे, उन्हें अब तक पूरा नहीं किया गया है। राज्य के लोगों में निराशा और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
🛑 उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे पर कांग्रेस का निशाना
संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस नेताओं ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के “अचानक और रहस्यमयी” इस्तीफे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा का इतिहास संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का रहा है।
रणदीप सुरजेवाला ने कहा, “धनखड़ का इस्तीफा एक गंभीर और रहस्यमयी घटना है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा ने पहले भी संवैधानिक प्रक्रियाओं और पदों का अपमान किया है।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस विषय पर संसद को विश्वास में लेने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा लगातार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और संवैधानिक मर्यादाओं की अनदेखी कर रही है।
🗣️ कांग्रेस की मांग – जनता को भरोसे में ले केंद्र सरकार
रणदीप सुरजेवाला ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री को खुद आगे आकर स्पष्ट करना चाहिए कि उपराष्ट्रपति के इस्तीफे के पीछे की सच्चाई क्या है। उन्होंने कहा, “जो दिखाई दे रहा है और जो सच है, दोनों में फर्क है। मोदी जी को आकर देश और संसद को सच्चाई बतानी चाहिए।”