
24 जुलाई 2025, वाशिंगटन — क्षेत्रीय स्थिरता और शांति स्थापना के वैश्विक प्रयासों के अंतर्गत अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रूबियो ने जॉर्डन के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अयमान सफादी से मुलाकात की। यह बैठक मुख्यतः सीरिया में चल रहे संघर्ष पर केंद्रित रही, जिसमें संघर्षविराम सुनिश्चित करने की रणनीतियों पर गंभीर चर्चा हुई।
मार्को रूबियो ने ट्वीट कर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने जॉर्डन की भूमिका की सराहना की, जो पश्चिम एशिया में शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने में अग्रणी रही है। उन्होंने विशेष रूप से जॉर्डन के उस योगदान को रेखांकित किया, जो वह पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक) और गाज़ा क्षेत्र में स्थायित्व बनाए रखने के लिए कर रहा है।
सीरिया में संघर्षविराम की आवश्यकता
सीरिया वर्षों से गृहयुद्ध और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेपों का सामना कर रहा है, जिसने लाखों नागरिकों को विस्थापित किया है और पूरे क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ाया है। इस पृष्ठभूमि में, अमेरिका और जॉर्डन जैसे देशों की आपसी बातचीत निर्णायक हो सकती है, क्योंकि दोनों देश इस क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए प्रभावशाली कूटनीतिक भूमिका निभाते हैं।
जॉर्डन: एक मध्यस्थ की भूमिका में
जॉर्डन ने हाल के वर्षों में खुद को एक स्थिर और संतुलित मध्यस्थ देश के रूप में स्थापित किया है। चाहे बात फिलिस्तीन-इज़राइल विवाद की हो या सीरियाई शरणार्थियों की देखभाल की, अम्मान सरकार ने मानवीय और राजनीतिक स्तर पर सक्रिय योगदान दिया है। अयमान सफादी का अमेरिका दौरा भी इसी प्रयास की एक कड़ी है, जहां वे क्षेत्रीय मुद्दों पर अमेरिकी प्रशासन से समन्वय कर रहे हैं।
पश्चिमी तट और गाज़ा में जॉर्डन की भूमिका
पश्चिमी तट और गाज़ा पट्टी में शांति बनाए रखना एक दीर्घकालिक चुनौती रही है। इस क्षेत्र में अक्सर तनाव, संघर्ष और मानवीय संकट की खबरें आती रहती हैं। जॉर्डन लंबे समय से फिलिस्तीनी मुद्दे पर एक संतुलित रुख अपनाते हुए मध्यस्थता की भूमिका निभाता आ रहा है। रूबियो द्वारा की गई सराहना इस बात को दर्शाती है कि अमेरिका भी जॉर्डन की इस भूमिका को एक सकारात्मक दृष्टिकोण से देखता है।
अमेरिका-जॉर्डन संबंध: कूटनीतिक मजबूती की ओर
इस प्रकार की उच्चस्तरीय बैठकों से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिलती है। न केवल क्षेत्रीय शांति, बल्कि आतंकवाद, शरणार्थी संकट, जलवायु परिवर्तन और व्यापार जैसे विषयों पर भी संयुक्त प्रयासों की संभावना बनती है।
निष्कर्ष:
मार्को रूबियो और अयमान सफादी की यह मुलाकात केवल एक कूटनीतिक शिष्टाचार नहीं थी, बल्कि यह पश्चिम एशिया में उभरते संकटों को सुलझाने की दिशा में एक ठोस कदम है। जॉर्डन और अमेरिका यदि साझेदारी में काम करें, तो सीरिया में संघर्षविराम और व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति संभव है।