
प्रकाशन तिथि: 24 जुलाई 2025 | स्थान: वाशिंगटन डीसी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति को नई दिशा दी है। इस आदेश के जरिए उन्होंने अमेरिका को AI क्षेत्र में वैश्विक प्रभुत्व स्थापित करने के इरादे से एक व्यापक “AI एक्शन प्लान” की शुरुआत की है।
यह नई नीति न केवल तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करती है, बल्कि इसे संघीय खरीद में “सत्यनिष्ठा” और “वैचारिक निष्पक्षता” के मूल सिद्धांतों से जोड़ती है। ट्रंप प्रशासन की इस पहल को अमेरिका की तकनीकी नीति में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।
AI नीति के तीन प्रमुख स्तंभ
नई एआई एक्शन योजना को तीन केंद्रीय स्तंभों पर आधारित किया गया है:
- नवाचार (Innovation): अमेरिका में एआई अनुसंधान और विकास को गति देने के लिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बीच सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। cutting-edge मॉडल्स, ओपन-सोर्स समाधानों और AI स्टार्टअप्स को सरकारी समर्थन देने की बात की गई है।
- अवसंरचना (Infrastructure): आधुनिक डेटा सेंटरों का निर्माण, उच्च क्षमता वाली चिप्स का विकास, और AI प्रशिक्षण संसाधनों का विस्तार इस खंड में शामिल हैं। इसके ज़रिए अमेरिका अपनी तकनीकी बुनियाद को और मज़बूत करना चाहता है।
- अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सुरक्षा (International Diplomacy & Security): वैश्विक मंचों पर AI मानकों को प्रभावित करने और मित्र देशों के साथ तकनीकी साझेदारी को गहरा करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, चीन और रूस जैसे देशों की आक्रामक एआई नीतियों से मुकाबला करने की रणनीति भी बनाई गई है।
नीतिगत उद्देश्य और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
व्हाइट हाउस की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका को इस नई तकनीकी दौड़ में विजेता बनने के लिए अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में अधिक तेज़ और कुशल रणनीति अपनानी होगी। इसके तहत अनावश्यक नियमों को हटाकर निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस नीति का एक स्पष्ट संदेश है: “जो राष्ट्र एआई पर नियंत्रण करेगा, वही भविष्य की वैश्विक राजनीति, सैन्य ताकत और आर्थिक संरचना को आकार देगा।”
‘निष्पक्ष एआई’ की परिभाषा
कार्यकारी आदेश में “Unbiased AI” की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। इसके अनुसार, भविष्य में विकसित होने वाले एआई मॉडल किसी भी प्रकार के वैचारिक झुकाव से मुक्त होंगे। विशेष रूप से DEI (Diversity, Equity, Inclusion) जैसे सामाजिक एजेंडा आधारित निर्णयों से एआई को अलग रखा जाएगा, जिससे निष्पक्ष और सटीक परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।
व्हाइट हाउस का कहना है कि यह पहल लोगों को ऐसी एआई सेवाओं से बचाने के लिए है जो उपयोगकर्ताओं के राजनीतिक या वैचारिक दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकती हैं।
निष्कर्ष
ट्रंप की नई एआई नीति केवल एक तकनीकी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह अमेरिका की दीर्घकालिक वैश्विक रणनीति का हिस्सा है। इस नीति के ज़रिए अमेरिका, एआई की अगली क्रांति में नेतृत्व करने का दावा कर रहा है — ठीक उसी तरह जैसे उसने स्पेस रेस में बाज़ी मारी थी।
अब देखना यह होगा कि यह कार्यकारी आदेश अमेरिकी तकनीकी विकास को किस ऊंचाई तक पहुंचा पाता है, और वैश्विक मंच पर इसकी प्रतिक्रिया कैसी होती है।