
प्रस्तावना
जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, खाद्य संकट और वैश्विक आपूर्ति शृंखला की जटिलताओं से जूझ रही है, तब इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का कृषि पर दिया गया वक्तव्य एक स्पष्ट संदेश देता है — “कृषि केवल उत्पादन नहीं, यह राष्ट्र की आत्मा है।” उनका दृष्टिकोण भावनात्मक अपील से कहीं बढ़कर है; यह एक व्यापक नीति दर्शन को दर्शाता है जो इटली की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और भविष्य की स्थिरता से जुड़ा हुआ है।
कृषक: भूमि के सेवक, राष्ट्र के रक्षक
मेलोनी के अनुसार, इटली के किसान केवल खेत जोतने वाले नहीं, बल्कि वे लोग हैं जो देश की खाद्य सुरक्षा, परंपराओं और ग्रामीण जीवन को जीवित रखते हैं। वे उन्हें “राष्ट्र की रीढ़” कहती हैं और यह भी स्पष्ट करती हैं कि उनकी सरकार किसानों की स्थानीय आवश्यकताओं से लेकर यूरोपीय नीति-निर्माण तक हर स्तर पर उनकी आवाज़ उठाएगी।
“Che è l’agricoltura” – एक नारा नहीं, नीति का आधार
मेलोनी का प्रसिद्ध वाक्य – “Che è l’agricoltura” (यह कृषि है) – अब एक राष्ट्रवादी घोषवाक्य बन चुका है। इसके माध्यम से उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कृषि केवल खाद्य उत्पादन का जरिया नहीं, बल्कि इटली के गैस्ट्रोनॉमी, पर्यटन, संस्कृति और पारंपरिक मूल्यों की धुरी है।
खाद्य आत्मनिर्भरता: अब नारा नहीं, रणनीति है
कोविड महामारी और यूक्रेन संकट ने दुनिया को दिखा दिया कि आयात पर अत्यधिक निर्भरता कितनी खतरनाक हो सकती है। मेलोनी सरकार अब स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहन देकर इटली को खाद्य क्षेत्र में स्वावलंबी बनाना चाहती है। इसके लिए सरकार टिकाऊ खेती, जैविक उत्पादों, और स्मार्ट एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी पर निवेश बढ़ा रही है।
कृषि में युवाओं की भागीदारी: भविष्य की कुंजी
मेलोनी मानती हैं कि यदि कृषि को आधुनिक रूप दिया जाए, तो यह युवाओं के लिए रोज़गार और उद्यमिता का सशक्त माध्यम बन सकता है। सरकार अब कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण, प्रशिक्षण कार्यक्रम और स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करने पर जोर दे रही है ताकि युवाओं को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया जा सके।
राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक पुनर्जागरण
कृषि को मेलोनी केवल आर्थिक साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक मानती हैं। उनका कहना है कि इटली का पारंपरिक खानपान, वाइन, जैतून तेल, और कृषि-पर्यटन केवल उत्पाद नहीं, बल्कि इटली की आत्मा और उसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान हैं — जिन्हें संजोना और सशक्त बनाना अब प्राथमिकता है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी द्वारा कृषि पर व्यक्त विचार एक राजनीतिक दृष्टिकोण नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय मिशन को दर्शाते हैं। उनके नेतृत्व में इटली कृषि को केवल ज़मीन से उपजने वाली फसल नहीं, बल्कि राष्ट्र की संस्कृति, भविष्य और आत्मनिर्भरता का स्तंभ बना रहा है। यह नीति दृष्टिकोण इटली को न केवल आर्थिक रूप से मज़बूत बनाएगा, बल्कि एक सांस्कृतिक और खाद्य संप्रभुता की ओर भी अग्रसर करेगा।