
वाशिंगटन डी.सी., 26 जुलाई 2025 — अमेरिका के प्रमुख राजनेता और सीनेटर मार्को रुबियो ने हाल ही में ग़ाज़ा में बंधक बनाए गए लोगों के परिजनों और कुछ पूर्व बंधकों से मुलाकात की। यह मुलाकात न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रही, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के स्तर पर भी बेहद मार्मिक क्षणों से भरी हुई थी।
सीनेटर रुबियो ने इस बैठक में कीथ और अवीवा सीगल जैसे पूर्व बंधकों से भी बातचीत की, जो इस त्रासदी से स्वयं गुजर चुके हैं। साथ ही उन्होंने उन परिवारों से भी संवाद किया जिनके प्रियजन अब भी ग़ाज़ा में फंसे हुए हैं — विशेषकर इताय चेन और ओमर न्यूट्रा जैसे अमेरिकी नागरिकों के परिजनों से, जिनकी हत्या हमास द्वारा किए जाने की पुष्टि हो चुकी है।
सीनेटर रुबियो ने ट्वीट के माध्यम से इस बैठक की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “हमास के हाथों इन परिवारों ने जो दुख सहा है, वह अकल्पनीय है। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी साफ कहा है: हमास को शेष सभी बंधकों को तुरंत रिहा करना चाहिए।”
मानवीय संकट की छाया
इस संकट ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि युद्ध और आतंकवाद के बीच आम नागरिकों की कीमत कितनी भयावह होती है। ग़ाज़ा में संघर्ष का यह चेहरा उन निर्दोष लोगों की कहानी कहता है जो न तो राजनीतिक खेल का हिस्सा हैं और न ही हथियार उठाते हैं, फिर भी वे सबसे अधिक पीड़ा सहते हैं।
अंतरराष्ट्रीय दबाव और अमेरिका की भूमिका
सीनेटर रुबियो जैसे वरिष्ठ अमेरिकी नेता द्वारा बंधकों के परिजनों से मिलना एक संकेत है कि अमेरिका इस विषय को गंभीरता से ले रहा है। यह कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, ताकि हमास जैसे संगठनों पर वैश्विक दबाव बने और वे बंधकों की रिहाई को प्राथमिकता दें।
निष्कर्ष
यह घटना केवल राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, बल्कि उन अनसुनी आवाज़ों की गूंज है जो न्याय और इंसानियत की पुकार कर रही हैं। ग़ाज़ा में शेष बंधकों की रिहाई के लिए अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को लगातार प्रयास करते रहना होगा। जब तक अंतिम बंधक सुरक्षित घर नहीं लौटता, तब तक यह संघर्ष जारी रहना चाहिए — यह संदेश इन परिजनों और नेताओं की ओर से स्पष्ट है।