
तिरुवनंतपुरम (केरल), 27 जुलाई 2025 – केरल की राजधानी स्थित प्रतिष्ठित तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर में एक अप्रत्याशित और चिंताजनक घटना घटी, जब रविवार को एक मादा बाघिन ने चिड़ियाघर के एक अनुभवी पर्यवेक्षक पर हमला कर दिया। घायल कर्मचारी की पहचान रामचंद्रन नायर के रूप में की गई है, जिन्हें सिर में गंभीर चोटें आईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना उस वक्त हुई जब रामचंद्रन नियमित निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के साथ मिलकर बाघिन के बाड़े के पास की सफाई व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे। तभी अचानक बाघिन ने लोहे की सलाखों के पार से झपट्टा मारा और पर्यवेक्षक के सिर पर पंजा मार दिया। हमले की तीव्रता इतनी थी कि रामचंद्रन को तत्काल अस्पताल ले जाना पड़ा।
बाघिन का नाम बबीथा है, जिसे अप्रैल 2024 में केरल के वायनाड क्षेत्र से पकड़ा गया था। बबीथा को घायल अवस्था में चिड़ियाघर लाया गया था और उसका लंबे समय तक संगरोध में इलाज चला। हाल ही में उसे मुख्य बाड़े में स्थानांतरित किया गया था।
घटना के बाद, रामचंद्रन को पहले तिरुवनंतपुरम के सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया और फिर मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित किया गया। चिकित्सकों ने उनके सिर पर चार टांके लगाए और प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें उसी दिन छुट्टी दे दी गई। फिलहाल वे घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
इस हादसे ने चिड़ियाघर की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वन्यजीवों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अधिक सतर्कता और सख्त सुरक्षा मानकों की आवश्यकता है, खासकर उन जानवरों के साथ जो हाल ही में रेस्क्यू या उपचार से गुजरे हों।
चिड़ियाघर प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आश्वासन दिया है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की जाएगी।
📌 निष्कर्ष:
तिरुवनंतपुरम चिड़ियाघर की यह घटना एक चेतावनी है कि वन्यजीवों के साथ कार्य करने में अत्यधिक सतर्कता की आवश्यकता होती है। इस घटना के बाद न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है, बल्कि जानवरों के व्यवहार और अनुकूलन प्रक्रिया को भी बेहतर समझने की आवश्यकता है।