
पटना, 27 जुलाई 2025 — भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने बिहार में मतदाता सूची के अद्यतन और सत्यापन को लेकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 24 जून से 25 जुलाई 2025 तक चले इस विशेष अभियान के तहत राज्य के 91.69% मतदाताओं का सफल सत्यापन किया गया, जो अब तक का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन माना जा रहा है।
📋 अभियान का उद्देश्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना, डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाना, मृत या स्थानांतरित व्यक्तियों के नामों को अद्यतन करना और नए पात्र नागरिकों को जोड़ना था। यह अभियान बिहार के लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक पारदर्शी एवं समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
🏛️ ईसीआई की रणनीति और तकनीकी सहयोग
चुनाव आयोग ने इस कार्य के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, घर-घर सत्यापन अभियान, मोबाइल ऐप्स और पंचायत स्तर पर प्रशिक्षित बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) की सहायता ली। ग्राम सभाओं और शहरी निकायों में जागरूकता शिविरों के माध्यम से मतदाताओं को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
👥 जनता की भागीदारी ने रचा इतिहास
91.69% की भागीदारी दर यह दर्शाती है कि जनता में लोकतंत्र के प्रति सजगता और ज़िम्मेदारी कितनी गहरी है। यह आंकड़ा ना केवल राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है, बल्कि यह भी प्रमाणित करता है कि बिहार के नागरिक अपने मतदान अधिकार को लेकर जागरूक और सक्रिय हैं।
🗣️ वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा,
“यह अभियान न केवल संख्या में, बल्कि गुणवत्ता और पारदर्शिता में भी ऐतिहासिक रहा है। बिहार ने यह सिद्ध कर दिया है कि अगर नागरिक और प्रशासन मिलकर प्रयास करें, तो लोकतंत्र और भी मजबूत बन सकता है।”
🔍 आगे की राह
सत्यापन अभियान के अगले चरण में आयोग अपात्र नामों को सूची से हटाएगा और नए पंजीकरण को प्राथमिकता देगा। साथ ही युवा मतदाताओं को जोड़ने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और ऑनलाइन माध्यमों से विशेष रजिस्ट्रेशन ड्राइव चलाने की योजना भी बनाई जा रही है।
🕊️ निष्कर्ष:
बिहार का यह मतदाता सत्यापन अभियान भारतीय लोकतंत्र के लिए एक प्रेरक उदाहरण बन गया है। इतनी विशाल जनसंख्या में इतनी अधिक भागीदारी से यह स्पष्ट है कि लोग अब सिर्फ वोट डालने को नहीं, बल्कि चुनाव प्रक्रिया की नींव को मजबूत करने में भी रुचि ले रहे हैं।