
पटना, 28 जुलाई 2025 – बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को हुई मूसलधार बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। भारी बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसमें सबसे प्रमुख रहा – बिहार विधानसभा परिसर, जो पूरी तरह से पानी में डूब गया।
राजधानी के निम्न इलाकों में जलजमाव का व्यापक दृश्य देखा गया, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पटना रेलवे स्टेशन भी इस जलजमाव से अछूता नहीं रहा।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, नवादा, मुज़फ्फरपुर, भागलपुर, वैशाली, बिहार शरीफ, बेगूसराय, मुंगेर और पटना में पिछले 24 घंटों में भारी से अति भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं राज्य के अन्य भागों में मध्यम से हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 28 और 29 जुलाई के लिए ‘बहुत भारी वर्षा’ की चेतावनी भी जारी की है।
🌊 ओडिशा में बाढ़ की गंभीर स्थिति
इसी बीच ओडिशा के जाजपुर ज़िले में भी बैतरणी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण बाढ़ की स्थिति बन गई है। लगातार बारिश के चलते नदी ने खतरे का निशान पार कर लिया, जिससे चार गांवों में पानी भर गया। इस बाढ़ से करीब 600 लोग और 150 घरों पर सीधा प्रभाव पड़ा।
जाजपुर ज़िले के अपर जिला मजिस्ट्रेट श्री सिबानंद स्वैन ने बताया कि हालात अब नियंत्रण में हैं और जलस्तर धीरे-धीरे घट रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर भोजन और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई है।
🚨 प्रशासन सतर्क, राहत कार्य जारी
प्रशासनिक अधिकारियों की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। बाढ़ से प्रभावित दशरथपुर और अन्य इलाकों में राहत शिविर बनाए गए हैं। स्थानीय प्रशासन पहले ही चेतावनी जारी कर चुका था, जिससे समय रहते लोगों को निकाला जा सका।
निष्कर्ष:
बिहार और ओडिशा में हालिया बारिश और बाढ़ की घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि जलवायु परिवर्तन और मौसमी असंतुलन अब एक गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ज़रूरत है कि हम बेहतर शहरी नियोजन, जल निकासी व्यवस्था और आपदा प्रबंधन के उपायों को प्राथमिकता दें ताकि भविष्य में ऐसे हालातों से बेहतर ढंग से निपटा जा सके।