HIT AND HOT NEWS

🧬 चिकित्सा में रेडियोधर्मिता: आधुनिक उपचार प्रणाली की क्रांतिकारी भूमिका


🔰 भूमिका:

रेडियोधर्मिता (Radiodharmita), जिसे अंग्रेजी में radioactivity कहा जाता है, वह प्रक्रिया है जिसमें अस्थिर परमाणु अपने आप विघटित होकर विकिरण (radiation) उत्सर्जित करते हैं। चिकित्सा विज्ञान में रेडियोधर्मिता ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। यह कैंसर जैसे गंभीर रोगों की पहचान, निदान और उपचार में एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में उभरी है।


⚛️ रेडियोधर्मिता क्या है?

रेडियोधर्मी तत्व (जैसे रेडियम, कोबाल्ट-60, आयोडीन-131) ऐसे परमाणु होते हैं जो स्वतः ही अपने नाभिक (nucleus) से ऊर्जा या कण उत्सर्जित करते हैं। यह ऊर्जा तीन प्रकार की हो सकती है – अल्फा (α), बीटा (β) और गामा (γ) विकिरण।

इन विकिरणों का उपयोग वैज्ञानिक रूप से नियंत्रित करके चिकित्सा में रोगों की पहचान और उपचार किया जाता है।


🩺 चिकित्सा में रेडियोधर्मिता का उपयोग:

1. कैंसर के उपचार में (Radiotherapy):

रेडियोधर्मी विकिरण कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने में सक्षम होती है। गामा किरणें विशेष रूप से कोशिकाओं के DNA को क्षतिग्रस्त कर देती हैं, जिससे कैंसर का प्रसार रुक जाता है।
उदाहरण:

2. निदान में (Diagnosis – Nuclear Medicine):

रेडियोधर्मी आइसोटोप को शरीर में इंजेक्ट किया जाता है, जो विशेष अंगों में एकत्र होकर विकिरण उत्सर्जित करते हैं। इससे अंगों की कार्यप्रणाली का अवलोकन संभव होता है।
उदाहरण:

3. हृदय रोगों में:

रेडियोन्यूक्लाइड इमेजिंग तकनीकों से हृदय की मांसपेशियों में रक्त प्रवाह का विश्लेषण किया जाता है। इससे हृदयघात या रुकावट का समय रहते पता लगाया जा सकता है।

4. थायरॉइड विकारों का उपचार:

हाइपरथायरॉइडिज्म (थायरॉइड हार्मोन की अधिकता) के इलाज में आयोडीन-131 का उपयोग कर थायरॉइड ऊतक को नियंत्रित किया जाता है।


⚠️ सावधानियाँ और सीमाएं:

यद्यपि रेडियोधर्मिता चिकित्सा में वरदान सिद्ध हुई है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं:

इसलिए इन तकनीकों का प्रयोग केवल प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा, नियंत्रित वातावरण में ही किया जाता है।


🔬 भारत में स्थिति:

भारत में भी कई उन्नत कैंसर अस्पतालों जैसे टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल (मुंबई), AIIMS (दिल्ली), और अपोलो ग्रुप के अस्पतालों में रेडियोधर्मी चिकित्सा पद्धतियों का प्रयोग नियमित रूप से किया जाता है। देश में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) इस क्षेत्र में अनुसंधान और आइसोटोप उत्पादन का प्रमुख संस्थान है।


📌 निष्कर्ष:

रेडियोधर्मिता ने चिकित्सा विज्ञान में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया है। यह न केवल असाध्य माने जाने वाले रोगों को पहचानने और उनका इलाज करने में सहायक है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा प्रणाली को अधिक सटीक, प्रभावी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करती है। यद्यपि इसके प्रयोग में सावधानी अनिवार्य है, लेकिन रेडियोधर्मिता चिकित्सा के क्षेत्र में मानव जीवन को बचाने की एक अत्यंत उपयोगी और आशाजनक तकनीक बन चुकी है।


Exit mobile version