
दिनांक: 29 जुलाई 2025 | स्थान: नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 जुलाई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लोकसभा में दिए गए भाषण की सराहना करते हुए देश की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए गए दो महत्वपूर्ण अभियानों — ऑपरेशन महादेव और ऑपरेशन सिंदूर — की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन अभियानों ने भारत की सुरक्षा को चुनौती देने वाले “कायर आतंकवादियों” के सफाए में अहम भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “अमित शाह जी ने लोकसभा में जो जानकारी साझा की, वह न सिर्फ सरकार की पारदर्शिता को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां किस तरह से सतर्क और सशक्त हैं। ऑपरेशन महादेव और सिंदूर, दोनों ही मिशन आतंकवाद के खिलाफ हमारी निर्णायक नीति के प्रतीक हैं।”
अमित शाह के अनुसार, इन अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के शीर्ष कमांडर सुलेमान को मार गिराया, जो पुलवामा और पहलगाम जैसे क्षेत्रों में कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड था। गृह मंत्री ने यह भी बताया कि ये अभियान खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए और इनका उद्देश्य न केवल आतंकियों को खत्म करना था, बल्कि उनके नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकना भी था।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में आगे कहा, “शाह जी का यह संबोधन न केवल हमारे सुरक्षा प्रयासों को रेखांकित करता है, बल्कि यह जनता के बीच विश्वास भी पैदा करता है कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
इन अभियानों की सफलता से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को न सिर्फ अपनाया है, बल्कि उसे ज़मीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू भी किया है। ऑपरेशन महादेव और सिंदूर की सफलता से यह संकेत गया है कि भारत आतंकवादियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में पूरी तरह सक्षम है।
निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की जोड़ी एक बार फिर यह साबित कर रही है कि भारत की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। ऑपरेशन महादेव और सिंदूर जैसे अभियान न केवल देश की रक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि यह भी दिखाते हैं कि आतंकवाद को भारत में पनपने नहीं दिया जाएगा।