
भारत तेजी से बढ़ती ऊर्जा मांगों का सामना कर रहा है, और इसी परिप्रेक्ष्य में अंडमान सागर के गर्भ में छिपी ऊर्जा संभावनाएं देश के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने इस अज्ञात क्षेत्र को ऊर्जा संसाधनों की खोज के लिए एक रणनीतिक मोर्चे के रूप में चिन्हित किया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
🌊 अंडमान बेसिन: संभावनाओं का समुद्र
- भौगोलिक स्थिति: बंगाल की खाड़ी में फैला अंडमान बेसिन लगभग 2 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तारित है, जो अभी तक ऊर्जा अन्वेषण के लिहाज़ से तुलनात्मक रूप से कम छुआ गया क्षेत्र है।
- ऊर्जा संपन्नता: भूवैज्ञानिक संकेतक यह दर्शाते हैं कि यह क्षेत्र तेल और प्राकृतिक गैस के भंडारों से परिपूर्ण हो सकता है।
- नीतिगत पहल: सरकार द्वारा शुरू की गई OALP-X (ओपन एक्रेज़ लाइसेंसिंग पॉलिसी – राउंड 10) के तहत अंडमान बेसिन के 25 एक्सप्लोरेशन ब्लॉक्स निवेशकों को पेश किए गए हैं।
🔍 इस रणनीति के प्रमुख लाभ
- विदेशी निर्भरता में कमी: देश में ऊर्जा की खोज और उत्पादन बढ़ने से तेल-गैस के आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
- स्थानीय विकास: खोज और उत्पादन से संबंधित परियोजनाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी दक्षता में वृद्धि करेंगी।
- रणनीतिक मजबूती: ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत को वैश्विक संकटों (जैसे युद्ध या आपूर्ति कटौती) के प्रभाव से मुक्त बनाएगी।
🇮🇳 आत्मनिर्भर भारत की ऊर्जा परिकल्पना
भारत का ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ केवल आर्थिक पहल नहीं, बल्कि यह एक रणनीतिक, तकनीकी और नीति-संचालित संकल्प है। ऊर्जा क्षेत्र में स्वदेशी स्रोतों से आपूर्ति को प्राथमिकता देना इस अभियान को गहराई और स्थायित्व प्रदान करता है।
पर्यावरणीय संतुलन का भी ध्यान
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि अंडमान बेसिन में होने वाली खोजों को पर्यावरण संरक्षण मानकों के अनुरूप अंजाम दिया जाएगा, जिससे क्षेत्र की जैव विविधता और समुद्री पारिस्थितिकी सुरक्षित बनी रहे।
✨ निष्कर्ष: ऊर्जा क्षेत्र में भारत का नया क्षितिज
अंडमान बेसिन में ऊर्जा खोज की यह पहल भारत के लिए एक नया युग आरंभ कर सकती है। यह न केवल ऊर्जा आपूर्ति के विकल्पों को विस्तृत करेगी, बल्कि भारत को एक आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सक्षम ऊर्जा राष्ट्र के रूप में उभरने का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।