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शुभमन गिल: इतिहास रचने के मुहाने पर खड़ा एक युवा सितारा


लंदन [यूके], 30 जुलाई 2025 — भारतीय क्रिकेट का एक चमकता सितारा, शुभमन गिल, अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब पहुंच चुका है। इंग्लैंड के खिलाफ एशेज-तेंदुलकर ट्रॉफी के निर्णायक पांचवें टेस्ट से पूर्व गिल को 6000 अंतरराष्ट्रीय रनों के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए महज 32 रनों की दरकार है।

अब तक के अपने अंतरराष्ट्रीय सफर में गिल ने बेहतरीन प्रदर्शन कर हर आलोचक को चुप कराया है। उन्होंने 112 मुकाबलों में 5968 रन बनाए हैं, जिसमें 46.62 का औसत और 79.92 का स्ट्राइक रेट उन्हें बेहद प्रभावशाली बनाते हैं। इन पारियों में उन्होंने 25 अर्धशतक और 18 शतक जड़े हैं, जबकि उनका व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर 269 रन रहा है — जो उनकी लंबी पारियां खेलने की क्षमता का प्रमाण है।

इस समय जारी एशेज-तेंदुलकर ट्रॉफी में भी गिल का बल्ला जमकर बोला है। चार टेस्ट मैचों में उन्होंने 722 रन बनाए हैं, जिसमें उनका औसत 90.25 रहा है। चौथे टेस्ट की तीसरी पारी में बनाए गए 103 रनों की दबावभरी पारी न केवल मैच को भारतीय पक्ष में मोड़ने वाली रही, बल्कि इसने उन्हें एक खास क्लब में भी शामिल कर दिया। गिल अब डॉन ब्रैडमैन और सुनील गावस्कर के बाद ऐसे तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने किसी एक टेस्ट श्रृंखला में चार शतक ठोके हों। खास बात यह है कि गिल ने ये कमाल कप्तान के रूप में अपनी पहली ही टेस्ट सीरीज़ में कर दिखाया।

इतिहास की बात करें तो इससे पहले कोई भी खिलाड़ी कप्तान के रूप में पहली टेस्ट श्रृंखला में चार शतक नहीं लगा सका था। दिग्गजों जैसे ब्रैडमैन, ग्रेस चैपल, कोहली, स्टीव स्मिथ और वार्निक आर्मस्ट्रांग ने भले ही तीन शतक लगाए हों, लेकिन गिल ने चार शतकों की बेमिसाल उपलब्धि से खुद को उनसे ऊपर स्थापित कर दिया है।

एक और गौरवपूर्ण तथ्य यह भी है कि गिल द्वारा बनाए गए 103 रन का शतक ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर किसी भारतीय द्वारा बनाया गया 1990 के बाद पहला शतक है, जब सचिन तेंदुलकर ने वहां अपना ऐतिहासिक 119 रन का पहला टेस्ट शतक जमाया था।

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भी गिल का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने अब तक 9 टेस्ट शतक जमाए हैं और इस मामले में रोहित शर्मा की बराबरी कर ली है, हालांकि गिल ने यह आंकड़ा कम पारियों में हासिल किया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वह न केवल वर्तमान में फॉर्म में हैं, बल्कि भविष्य में भारतीय क्रिकेट का एक मज़बूत स्तंभ बनने की पूरी क्षमता रखते हैं।

गिल का यह सफर क्रिकेट प्रेमियों और नवोदित खिलाड़ियों दोनों के लिए प्रेरणादायक है। मैदान पर उनका संतुलित व्यवहार, अथक मेहनत और प्रदर्शन में निरंतरता उन्हें भीड़ से अलग करती है। जैसे ही वे 6000 रनों के इस ऐतिहासिक पड़ाव को पार करेंगे, पूरा भारत एक बार फिर गर्व से उनका नाम गूंजाएगा।


निष्कर्ष:
शुभमन गिल केवल एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक युग की शुरुआत हैं। उनकी उपलब्धियां भारतीय क्रिकेट की नई दिशा तय कर रही हैं, और यह स्पष्ट है कि वह आने वाले वर्षों में भी कई कीर्तिमान रचते रहेंगे।


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