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📰 वैश्विक विकास 2025: IMF में उभरते अवसर और क्षेत्रीय चुनौतियाँ


अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने जुलाई 2025 में जारी अपनी वैश्विक आर्थिक परिदृश्य रिपोर्ट में साफ कर दिया है कि विश्व अर्थव्यवस्था अभी भी असंतुलन के दौर से गुजर रही है। जहाँ एक ओर वैश्विक स्तर पर हल्की आर्थिक वृद्धि देखी जा रही है, वहीं विभिन्न क्षेत्रों में विकास की दिशा और गति अलग-अलग है।

🔍 वैश्विक वृद्धि दर में मामूली सुधार

IMF के अनुसार, 2024 में 3.0% रही वैश्विक GDP वृद्धि दर 2025 में बढ़कर 3.1% होने का अनुमान है। हालांकि यह बढ़ोतरी उत्साहजनक लग सकती है, लेकिन इसकी परतों के नीचे क्षेत्रीय विषमता छिपी है।


🌍 अफ्रीका और मध्य एशिया: आशा की किरण

उप-सहारा अफ्रीका में 2025 में 4.0% की विकास दर की उम्मीद जताई गई है, जो इस क्षेत्र की आर्थिक लचीलापन और संभावनाओं को दर्शाता है, बावजूद इसके कि यहाँ अब भी सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ मौजूद हैं।

मध्य पूर्व और मध्य एशिया की अनुमानित 3.4% वृद्धि यह दर्शाती है कि ऊर्जा बाजारों में स्थिरता और नीतिगत सुधारों ने इस क्षेत्र को सहारा दिया है।


🌎 लैटिन अमेरिका और कैरिबियन: धीमा पड़ता इंजन

IMF की रिपोर्ट के अनुसार, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र की वृद्धि दर 2025 में 2.2% तक सीमित रह सकती है। राजनीतिक अनिश्चितता, बाहरी बाजारों की अस्थिरता और राजकोषीय दबाव इस मंदी के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।


🇺🇸 विकसित देश: स्थिरीकरण की दिशा में बढ़ते कदम

संयुक्त राज्य अमेरिका की वृद्धि दर 2024 में 2.0% से घटकर 2025 में 1.9% हो सकती है। यह संकेत करता है कि अमेरिका अब एक स्थिर लेकिन धीमी गति की विकास अवस्था में प्रवेश कर रहा है।

यूरो क्षेत्र में भी सुधार की धीमी प्रक्रिया जारी है। 1.0% से बढ़कर 1.2% की अनुमानित वृद्धि दर यह दर्शाती है कि यूरोप अब भी कई झटकों से उबरने की कोशिश कर रहा है।


🌏 एशिया की उभरती अर्थव्यवस्थाएँ: धीमी लेकिन मज़बूत

एशिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं का 2025 में 4.7% की दर से विकास अनुमानित है, जो 2024 की 5.1% दर से कुछ कम है। इसके बावजूद, एशिया वैश्विक विकास का मुख्य इंजन बना हुआ है, जिससे इसकी वैश्विक भूमिका बरकरार है।


🧭 रास्ता आगे का: समन्वय और स्थानीय रणनीतियाँ आवश्यक

IMF की रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि वैश्विक विकास अब सार्वभौमिक नहीं बल्कि क्षेत्रीय परिस्थितियों पर आधारित होता जा रहा है। नीति सख्ती, मुद्रास्फीति की चिंता, और व्यापार में परिवर्तन के बीच, देशों को स्थानीय स्तर पर विशिष्ट रणनीतियों, क्षेत्रीय सहयोग, और वैश्विक नीति समन्वय की आवश्यकता है।


🔚 निष्कर्ष

2025 का आर्थिक परिदृश्य एक मिली-जुली तस्वीर पेश करता है — जहाँ कुछ क्षेत्र उभरते हुए अवसरों का लाभ उठा रहे हैं, वहीं अन्य अब भी संघर्ष कर रहे हैं। IMF की चेतावनी स्पष्ट है: समान, समावेशी और सतत विकास पाने के लिए अब वैश्विक स्तर पर साझा सोच और समन्वय की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है।



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