
🔰 भूमिका:
आज जब पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के संकट से जूझ रही है, ऐसे समय में भारत ने वैश्विक मंच पर एक महत्वपूर्ण और स्थायी संदेश दिया है। रामसर कन्वेंशन के 15वें कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज़ (CoP15) में भारत ने “सतत जीवनशैली के माध्यम से आर्द्रभूमियों के विवेकपूर्ण उपयोग” (Wise Use of Wetlands through Sustainable Lifestyles) पर आधारित एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसे व्यापक समर्थन के साथ स्वीकार कर लिया गया।
🇮🇳 भारत का दृष्टिकोण: Mission LiFE से प्रेरित पहल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया Mission LiFE (Lifestyle for Environment) केवल एक पर्यावरणीय अभियान नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक चेतना है, जो हर व्यक्ति को अपने व्यवहार में छोटे-छोटे परिवर्तन लाकर पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित करती है। इसी दर्शन को आगे बढ़ाते हुए भारत ने रामसर CoP15 में यह प्रस्ताव रखा कि:
“आर्द्रभूमियों का संरक्षण केवल सरकारी नीतियों तक सीमित न रहे, बल्कि हर नागरिक की जीवनशैली का हिस्सा बने।”
🌾 प्रस्ताव के मुख्य बिंदु:
- स्थानीय समुदायों की भागीदारी:
आर्द्रभूमियों की देखरेख में स्थानीय लोगों की भूमिका को सशक्त करना। - पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा:
जैव विविधता के संरक्षण हेतु जल बचत, प्लास्टिक से परहेज और पारंपरिक ज्ञान के उपयोग को बढ़ाना। - शिक्षा और जनजागरूकता:
स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम पंचायतों में आर्द्रभूमियों के महत्व पर विशेष कार्यक्रम चलाना। - वैश्विक साझेदारी:
अन्य सदस्य देशों के साथ अनुभव और नवाचारों का आदान-प्रदान कर संयुक्त प्रयासों को मजबूत बनाना।
🌍 आर्द्रभूमियाँ क्यों हैं महत्वपूर्ण?
- ये पृथ्वी के सबसे उपजाऊ और जैव-विविध क्षेत्र होते हैं।
- जल शुद्धिकरण, बाढ़ नियंत्रण और कार्बन अवशोषण जैसे प्राकृतिक कार्य करती हैं।
- प्रवासी पक्षियों, मछलियों और अन्य जीवों के लिए प्राकृतिक आवास प्रदान करती हैं।
भारत में 75 से अधिक रामसर स्थल हैं, जो दर्शाते हैं कि हम इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
🗣️ अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:
भारत के इस प्रस्ताव को ज़िम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, ब्राजील और फ्रांस जैसे देशों ने भी समर्थन दिया। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने इसे एक “व्यावहारिक और प्रभावी दृष्टिकोण” करार दिया।
🔚 निष्कर्ष:
रामसर CoP15 में भारत का यह प्रस्ताव केवल एक नीति दस्तावेज नहीं, बल्कि एक वैश्विक आह्वान है — कि अब समय आ गया है कि हम अपने जीवन की शैली को प्रकृति के अनुकूल बनाएं। Mission LiFE केवल भारत की पहल नहीं, बल्कि यह धरती को बचाने की एक साझा जिम्मेदारी है।
🇮🇳 “धरती को बचाने के लिए नीति नहीं, नियत और जीवनशैली में बदलाव चाहिए।” – यही है भारत का संदेश! 🌱