
🔶 भूमिका
इटली में रोजगार को लेकर लंबे समय से चले आ रहे संकट के बाद अब बदलाव की बयार बहने लगी है। प्रधानमंत्री जीओर्जिया मेलोनी के नेतृत्व में सरकार ने श्रम बाज़ार में सुधार और व्यापक सामाजिक-आर्थिक बदलाव की जो रणनीति अपनाई, वह अब स्पष्ट रूप से परिणाम देने लगी है। हाल के आंकड़ों और जमीनी हकीकतों से यह संकेत मिलता है कि इटली एक “रोजगार पुनर्जागरण” के दौर में प्रवेश कर चुका है।
📈 नवीनतम आँकड़ों से मिले आशाजनक संकेत
- जून 2025 में 16,000 नई नौकरियाँ सृजित हुईं, जो निरंतर आर्थिक गतिविधियों का संकेत हैं।
- बीते एक वर्ष में 3,63,000 लोग कार्यबल में शामिल हुए, जिससे कार्यशील जनसंख्या में सकारात्मक इजाफा हुआ।
- बेरोजगारी दर 6.3% पर आ गई है, जो पिछले एक दशक में सबसे कम स्तरों में से एक है।
- स्थायी रोजगार में वृद्धि यह दर्शाती है कि केवल अस्थायी नहीं, बल्कि दीर्घकालिक अवसर भी बढ़ रहे हैं।
🏛️ नीति-निर्माण की दिशा और मेलोनी सरकार का विज़न
प्रधानमंत्री मेलोनी की सरकार का मानना है कि मजबूत राष्ट्र निर्माण के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक संतुलन आवश्यक है। इसके लिए सरकार ने कुछ निर्णायक पहल की हैं:
“रोजगार केवल एक आर्थिक अवधारणा नहीं है, यह हर नागरिक की गरिमा और आत्मविश्वास से जुड़ा अधिकार है।” – जी. मेलोनी
🔧 सरकार के पांच मुख्य नीतिगत स्तंभ
- युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण योजनाएं:
डिजिटल, तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में स्किल-डवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। - लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहारा:
टैक्स में छूट और ऋण सुविधाएं देकर छोटे कारोबारियों को रोज़गार पैदा करने हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। - महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा:
मातृत्व अवकाश, लचीले कार्य घंटे और सुरक्षा नीतियों को सुदृढ़ किया गया है। - ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की पहुँच:
इनफ्रास्ट्रक्चर विकास और कृषि-आधारित इंडस्ट्रीज की स्थापना के माध्यम से दूरदराज़ क्षेत्रों में भी नौकरियाँ सृजित हो रही हैं। - प्रवासी समुदाय का समावेश:
कानूनी तौर पर निवास करने वाले प्रवासी नागरिकों को मुख्यधारा में लाकर उन्हें श्रमिक शक्ति में शामिल किया जा रहा है।
🌍 अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में इटली की छवि
जहाँ यूरोप के कई देशों को अभी भी बेरोज़गारी से जूझना पड़ रहा है, वहीं इटली की यह प्रगति वैश्विक आर्थिक विशेषज्ञों के लिए “इटालियन मॉडल” के रूप में उभर रही है। नीति-आधारित परिवर्तन, सामाजिक संतुलन और आर्थिक अनुशासन ने इटली को एक मजबूत श्रम बाजार की ओर अग्रसर किया है।
🏁 निष्कर्ष
रोज़गार के मोर्चे पर इटली की यह सफलता केवल आर्थिक आँकड़ों की गाथा नहीं, बल्कि यह सामाजिक समरसता, भविष्य की स्थिरता और नीति-निर्माण की स्पष्टता की भी तस्वीर है। यदि यह रफ्तार बनी रही, तो आने वाले वर्षों में इटली न केवल यूरोपीय संघ में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी रोजगार क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभा सकता है।