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🩸 गाजीपुर में जन्मदिन पार्टी बना मौत का कारण: मोमो विक्रेता से टकराव में सेल्स मैनेजर की चाकू मारकर हत्या, तीन गिरफ्तार



प्रकाशन तिथि: 31 जुलाई 2025 | स्थान: गाजीपुर (दिल्ली)

दिल्ली के गाजीपुर इलाके में बुधवार की रात एक जन्मदिन समारोह उस वक्त खूनी संघर्ष में बदल गया जब 28 वर्षीय सेल्स मैनेजर विकास वालेचा की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। यह घटना एक पुराने विवाद के चलते हुई, जिसमें स्थानीय मोमो विक्रेता सलमान और उसके साथियों का हाथ बताया जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, विकास वालेचा और उनके कुछ साथी नोएडा स्थित “ड्रीम इन्वेस्टर” कंपनी में कार्यरत थे। वे जन्मदिन मनाने के लिए एकत्र हुए थे, और इसी दौरान पुराने विवाद का हिसाब चुकता करने के उद्देश्य से वे गाजीपुर के पेपर मार्केट स्थित सीएनजी पंप के पास पहुंचे, जहां मोमो विक्रेता सलमान से उनकी मुलाकात हुई।

स्थानीय शराब की दुकान के पास सलमान और उसके साथियों – आज़ाद मिश्रा और मोनू मिश्रा – से तीखी बहस हुई जो जल्द ही हिंसा में तब्दील हो गई। लोहे की रॉड और धारदार चाकू का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों ने हमला कर दिया। इस संघर्ष में विकास को कई चाकू के वार लगे, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें तुरंत लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना में एक अन्य कर्मचारी सुमित शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका पैर टूट गया है और उसका इलाज जारी है। सुमित गाजियाबाद का रहने वाला है।

हत्या के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। दिल्ली पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एंटी-नारकोटिक्स स्क्वाड, स्पेशल स्टाफ, एएटीएस और गाजीपुर थाने की संयुक्त टीमें गठित कीं। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से तीन मुख्य आरोपियों को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही एक नाबालिग अपराधी को भी हिरासत में लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि झड़प के दौरान उपयोग किए गए हथियार – एक लोहे की रॉड और एक तेजधार चाकू – को बरामद कर लिया गया है। अन्य संभावित शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

विकास वालेचा फरीदाबाद के निवासी थे और अपनी मेहनत से पेशेवर सफलता की राह पर अग्रसर थे। उनकी असामयिक मौत ने परिवार और सहकर्मियों को गहरे शोक में डाल दिया है।

पुलिस इस घटना की तह तक जाने के लिए लगातार पूछताछ और सबूत इकट्ठा कर रही है। मामले में हत्या, आपराधिक साजिश और हथियार अधिनियम के तहत सख्त धाराएं लगाई गई हैं।


निष्कर्ष:
गाजीपुर की यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि मामूली विवाद कैसे हिंसा का भयावह रूप ले सकते हैं। यह कानून व्यवस्था और सामाजिक संवाद दोनों के लिए एक चेतावनी है कि व्यक्तिगत दुश्मनी को समय रहते सुलझाना बेहद ज़रूरी है।


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