
कीव, यूक्रेन — यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेन्स्की ने हाल ही में अपनी सेना द्वारा रूस के अंदर किए गए लंबी दूरी के अभियानों की खुलकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन न केवल यूक्रेन की सैन्य क्षमताओं को दर्शाते हैं, बल्कि रूस की आक्रामकता को जवाब देने की ताकत और इच्छाशक्ति का प्रतीक भी हैं।
🔥 “जहाँ भी खतरा होगा, वहाँ जवाब मिलेगा”
राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की ने अपने आधिकारिक संबोधन में कहा, “यूक्रेनी सेना अब सिर्फ अपने क्षेत्रों की रक्षा नहीं कर रही है, बल्कि अब हम वहाँ भी वार कर रहे हैं जहाँ से खतरा उत्पन्न होता है।” यह बयान उन हालिया हमलों के संदर्भ में आया है, जिनमें रूसी सैन्य डिपो, एयरबेस और संचार प्रणाली को यूक्रेन की ओर से निशाना बनाया गया।
🛰️ नई तकनीक और रणनीति का प्रयोग
इन अभियानों में यूक्रेन ने ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइल तकनीकों का उपयोग किया है, जो पश्चिमी देशों के सहयोग से संभव हुआ है। माना जा रहा है कि इन हमलों से रूस की युद्ध-संचालन क्षमता को गंभीर झटका लगा है।
📍 “हमारे दुश्मनों को अब सुरक्षित महसूस नहीं होना चाहिए”
ज़ेलेन्स्की ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रूस की सीमाओं के भीतर हमले यूक्रेन की रणनीतिक बढ़त को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “जब तक रूस यूक्रेनी भूमि पर हमला करता रहेगा, तब तक उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि उनकी धरती भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।”
🌐 अंतरराष्ट्रीय समर्थन और नैतिक आधार
इस तरह के ऑपरेशनों को लेकर पश्चिमी देशों के बीच कुछ चिंताएं जरूर रही हैं, लेकिन ज़ेलेन्स्की ने यह तर्क दिया है कि यह यूक्रेन का आत्मरक्षा का अधिकार है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे यूक्रेन को सिर्फ रक्षात्मक ही नहीं, बल्कि सक्रिय कदम उठाने की छूट भी दें।
💬 निष्कर्ष
राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की के बयान यह दर्शाते हैं कि यूक्रेन अब केवल एक रक्षात्मक राष्ट्र नहीं, बल्कि एक रणनीतिक योद्धा बन चुका है, जो खतरे का जवाब उसी अंदाज़ में देना जानता है। रूस के भीतर किए गए ये हमले न केवल सैन्य दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि मनोवैज्ञानिक रूप से भी यह संकेत देते हैं कि यूक्रेन झुकने वाला नहीं है।