
भारत ने बीते कुछ दशकों में जिस रफ्तार से संचार के क्षेत्र में प्रगति की है, वह किसी चमत्कार से कम नहीं। एक समय था जब लोग सार्वजनिक टेलीफोन बूथ यानी PCO पर लंबी कतारों में खड़े होकर अपनों से बात करने के लिए इंतज़ार करते थे। वहीं आज, हर व्यक्ति की जेब में एक स्मार्टफोन है, जिससे वह न केवल देशभर से बल्कि दुनिया के किसी भी कोने से जुड़ा रह सकता है।
यह परिवर्तन केवल तकनीकी विकास नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक बदलाव का भी प्रतीक है। भारत सरकार की “डिजिटल इंडिया” पहल, जिसकी शुरुआत 2015 में हुई थी, आज अपने 10 साल पूरे कर चुकी है। इस अवसर पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक पोस्ट साझा की है, जो भारत की डिजिटल यात्रा को भावनात्मक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है।
इस पोस्ट में एक वीडियो थंबनेल दिखता है जिसमें एक पुराना पीला PCO बूथ नज़र आता है, और उसके सामने कुछ युवा अपने स्मार्टफोन पर व्यस्त हैं। यह दृश्य पुराने और नए भारत के बीच की दूरी को एक ही फ्रेम में समेट देता है। एक ओर वह समय था जब कॉल करने के लिए एक-एक सिक्के का हिसाब रखा जाता था, वहीं अब बातचीत, वीडियो कॉल, ऑनलाइन मीटिंग और डिजिटल सेवाएं उंगलियों की एक हल्की सी हरकत से संभव हो गई हैं।
पोस्ट में #10YearsOfDigitalIndia हैशटैग के माध्यम से यह जश्न मनाया गया है, जिसमें देश की डिजिटल प्रगति को रेखांकित किया गया है। इसके साथ ही, पोस्ट में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO India), डिजिटल इंडिया, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, डॉ. एल. मुरुगन, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB India), आकाशवाणी समाचार और दूरदर्शन न्यूज़ जैसे प्रमुख संस्थानों और व्यक्तियों को टैग किया गया है।
डिजिटल इंडिया अभियान ने न सिर्फ टेक्नोलॉजी को आमजन तक पहुँचाया, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, और सरकारी सेवाओं को भी डिजिटल रूप देकर लोगों के जीवन को सरल और सुगम बना दिया। गांव से लेकर शहर तक, अब हर व्यक्ति डिजिटल पहचान, मोबाइल इंटरनेट और विभिन्न ऐप्स के माध्यम से खुद को सशक्त महसूस करता है।
🔹 निष्कर्ष:
भारत की संचार यात्रा, PCO बूथ से स्मार्टफोन तक का सफर, केवल एक तकनीकी परिवर्तन नहीं बल्कि एक सामाजिक क्रांति है। यह यात्रा बताती है कि कैसे दूर-दराज़ के लोग भी अब एक क्लिक में न केवल सूचना तक पहुँच रखते हैं, बल्कि अवसरों का भी लाभ उठा सकते हैं। डिजिटल इंडिया ने भारत को एक जुड़ा हुआ, सशक्त और प्रगतिशील राष्ट्र बना दिया है — और यह सिर्फ शुरुआत है।