
विश्व बैंक की हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट ने पूर्वी एशिया और प्रशांत (East Asia-Pacific) क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़ी नौकरियों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह क्षेत्र एआई-अनुकूल नौकरियों की उपलब्धता में पीछे चल रहा है, जो भविष्य के आर्थिक विकास के लिए एक बड़ी बाधा बन सकता है।
📊 रिपोर्ट का मुख्य निष्कर्ष
विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि जबकि दुनिया के कई हिस्सों में AI तेजी से नौकरियों को बदल रहा है और नई स्किल्स की मांग बढ़ा रहा है, ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्षेत्र अभी तक इस बदलाव के अनुरूप अपने वर्कफोर्स को प्रशिक्षित नहीं कर पाया है।
इस क्षेत्र में अधिकांश कामगार पारंपरिक उद्योगों या कम-कुशल सेवाओं में कार्यरत हैं, जहां AI का समुचित लाभ नहीं उठाया जा रहा।
🤖 एआई-अनुकूल नौकरियां क्या हैं?
AI-अनुकूल या AI-Complementary नौकरियों से तात्पर्य उन नौकरियों से है, जो AI टूल्स और टेक्नोलॉजी का उपयोग करके दक्षता और उत्पादकता को बढ़ाती हैं।
जैसे कि डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग, ऑटोमेशन से जुड़ी भूमिका, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, डिजिटल मार्केटिंग आदि।
रिपोर्ट बताती है कि विकसित देशों की तुलना में इस क्षेत्र में इन नौकरियों की हिस्सेदारी बहुत कम है।
🏭 क्यों पिछड़ रहा है ईस्ट एशिया-पैसिफिक?
- शिक्षा व्यवस्था में कमी – स्कूल और कॉलेज AI और डिजिटल कौशल को प्राथमिकता नहीं दे रहे।
- तकनीकी बुनियादी ढांचे की कमजोरी – छोटे और मध्यम उद्योगों के पास AI अपनाने के संसाधन नहीं हैं।
- नीतिगत समर्थन की कमी – सरकारों द्वारा AI-केंद्रित रोजगार योजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं।
🚀 क्या हो सकता है समाधान?
रिपोर्ट में आगे सुझाव दिया गया है कि इस क्षेत्र के देशों को चाहिए कि वे:
AI और डिजिटल स्किल्स को शिक्षा में शामिल करें
उद्योगों के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करें
नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी को समर्थन दें
नीतिगत स्तर पर डिजिटल समावेशन को प्राथमिकता दें
🔮 भविष्य की दिशा
AI न केवल रोजगार का स्वरूप बदल रहा है, बल्कि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था में स्पर्धा की दिशा भी तय कर रहा है। अगर ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्षेत्र ने इस बदलाव को समय रहते स्वीकार नहीं किया, तो आने वाले वर्षों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में पिछड़ने का खतरा बढ़ जाएगा।
📌 निष्कर्ष:
विश्व बैंक की यह रिपोर्ट एक जागृति का संकेत है। यह स्पष्ट करती है कि केवल सस्ते श्रम और पारंपरिक उद्योगों पर निर्भर रहना अब इस क्षेत्र के लिए टिकाऊ रणनीति नहीं रह गई है।
AI के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना ही आर्थिक विकास की कुंजी है।