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🇮🇳 रोमांच की चरम सीमा: भारत ने चौथे टेस्ट में इंग्लैंड को 6 रन से हराया, सीरीज 2-2 से बराबर


भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही रोमांचक टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार मैचों में दर्ज हो गया है। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 6 रन से हराकर न सिर्फ मुकाबला जीता, बल्कि सीरीज को भी 2-2 की बराबरी पर समाप्त किया।

🔁 पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला और धीमी शुरुआत

मैच की शुरुआत भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने के फैसले से की, लेकिन टीम की पहली पारी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। भारतीय बल्लेबाज़ संघर्ष करते नजर आए और पूरी टीम महज 224 रन पर पवेलियन लौट गई। करूण नायर ने अर्धशतक लगाते हुए 50 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली, जो पहली पारी का उजाला साबित हुई।

🏏 इंग्लैंड की बढ़त, लेकिन मामूली

जवाब में इंग्लैंड ने संयमित बल्लेबाज़ी करते हुए पहली पारी में 247 रन बनाए। जैक क्रॉली और हैरी ब्रूक ने शानदार अर्द्धशतक जड़े और इंग्लैंड को 23 रनों की बढ़त दिलाई। हालांकि, इंग्लैंड इस बढ़त को निर्णायक नहीं बना सका।

🌟 यशस्वी जायसवाल की शतकीय पारी

दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाज़ों ने ज़बरदस्त वापसी की। यशस्वी जायसवाल की शानदार सेंचुरी (100 रन) ने भारतीय पारी को संबल दिया और टीम ने कुल 396 रन बनाए। इस तरह भारत ने इंग्लैंड के सामने 360 रनों का बड़ा लक्ष्य खड़ा किया।

⚔️ लक्ष्य का पीछा और आखिरी दिन का ड्रामा

लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम की शुरुआत धीमी रही। पहले दो दिन उन्होंने सावधानी से खेला और तीसरे दिन तक 339/6 का स्कोर बना लिया। इंग्लैंड को जीत के लिए केवल 21 रनों की ज़रूरत थी और उसके हाथ में 4 विकेट बाकी थे।

लेकिन चौथे दिन का खेल जैसे ही शुरू हुआ, भारतीय गेंदबाज़ों ने मैच का रुख पलट दिया। प्रसिद्ध कृष्णा ने घातक गेंदबाज़ी करते हुए 5 विकेट चटकाए, जबकि मोहम्मद सिराज ने 3 महत्वपूर्ण विकेट लेकर इंग्लैंड की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया।

🏆 भारतीय टीम की साहसिक जीत

इंग्लैंड की पूरी टीम 354 रन पर सिमट गई और भारत ने 6 रनों से यह ऐतिहासिक मुकाबला जीत लिया। यह जीत न सिर्फ आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही, बल्कि इससे पूरी टेस्ट सीरीज भी 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुई।


🔍 निष्कर्ष

यह मुकाबला दर्शाता है कि टेस्ट क्रिकेट में रोमांच आखिरी गेंद तक बना रह सकता है। भारतीय गेंदबाज़ों की सूझबूझ, धैर्य और आक्रामकता ने इस जीत को संभव बनाया। यशस्वी जायसवाल की शतकीय पारी और प्रसिद्ध कृष्णा की गेंदबाज़ी ने यह साबित कर दिया कि भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यह मुकाबला हमेशा के लिए क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में बस जाएगा।


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