HIT AND HOT NEWS

🧑‍⚖️ मोहाली में राष्ट्रीय लोक अदालत: न्याय तक आसान पहुंच की नई पहल


मोहाली, 4 अगस्त 2025 — पंजाब के मोहाली ज़िले में दिनांक 13 सितंबर 2025 को तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न्यायिक प्रणाली पर बढ़ते भार को हल्का करना और आमजन को त्वरित, सरल और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अतुल कसाना ने इसे भारतीय न्यायपालिका की दिशा में एक सशक्त कदम बताया है।

📌 लोक अदालत: क्या है इसका महत्व?

लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहां विवादों का समाधान आपसी सहमति, बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया और बिना अतिरिक्त खर्चों के किया जा सकता है। यह न्याय की वैकल्पिक प्रणाली का एक अहम हिस्सा है, जो न केवल लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करती है, बल्कि मुकदमा दायर करने से पहले ही विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव बनाती है।

⚖️ किन मामलों की होगी सुनवाई?

इस विशेष अदालत में निम्नलिखित प्रकार के मामलों पर विचार किया जाएगा:

💡 क्या होंगे लाभ?

न्यायमूर्ति कसाना ने स्पष्ट किया कि लोक अदालत में मामलों के निपटारे पर कोर्ट फीस नहीं ली जाती, और यदि पहले से शुल्क अदा किया गया हो तो मामला सुलझने की स्थिति में वह राशि लौटाई जाती है

इस व्यवस्था से न केवल नागरिकों का समय और धन बचता है, बल्कि अदालतों पर भार भी घटता है। खास बात यह है कि इसमें नतीजे जल्दी और आपसी सहमति से सामने आते हैं, जिससे दोनों पक्षों में तनाव नहीं बढ़ता।

🗣️ लोगों और संस्थाओं से अपील

जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आम नागरिकों, सरकारी विभागों तथा संस्थाओं से अपील की है कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं और अपने विवादों को बिना किसी टकराव के सुलझाएं। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरणों व विभागों को भी निर्देश दिया है कि वे लोगों के बीच लोक अदालतों के फायदों के बारे में जागरूकता फैलाएं।

📍 मोहाली, खरड़ और डेराबस्सी में विशेष पीठें

इस राष्ट्रीय आयोजन के तहत मोहाली के अलावा उपमंडल खरड़ और डेराबस्सी में भी विशेष न्यायपीठें बनाई जाएंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा वादों का निपटारा किया जा सके।

🔚 निष्कर्ष:

राष्ट्रीय लोक अदालत का यह आयोजन न केवल मुकदमों की भीड़ कम करेगा, बल्कि जन-सुलभ न्याय व्यवस्था को भी मजबूती देगा। यह प्रणाली न्याय की पहुंच को लोकतांत्रिक, आर्थिक और मानवीय दृष्टिकोण से और अधिक प्रभावी बनाती है।


Exit mobile version