
ताइपे, 5 अगस्त 2025 — चीन द्वारा ताइवान के चारों ओर की जा रही सैन्य गतिविधियों में हालिया वृद्धि ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को गहरा कर दिया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) के अनुसार, चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) और नौसेना ने बीते तीन दिनों में ताइवान के नज़दीकी क्षेत्रों में उकसावेपूर्ण गतिविधियाँ की हैं, जिनमें लड़ाकू विमान उड़ानें और युद्धपोतों की तैनाती शामिल है।
✈️ हवाई क्षेत्र में घुसपैठ: चीन की बढ़ती दुस्साहसिकता
5 अगस्त की सुबह तक ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि चीन के 12 सैन्य विमानों, 5 युद्धपोतों और 1 सरकारी जहाज ने ताइवान के आसपास गतिविधियाँ कीं। इनमें से 8 विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की ‘मीडियन लाइन’ को पार कर देश के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन (ADIZ) में प्रवेश किया।
यह मीडियन लाइन एक अनौपचारिक सीमा है जो चीन और ताइवान के बीच पारंपरिक रूप से बनी रही है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में चीन ने इसे बार-बार तोड़कर तनाव को और बढ़ा दिया है।
🚢 नौसेना की हलचल: समुद्री निगरानी बढ़ी
PLA नौसेना के युद्धपोतों की तैनाती न सिर्फ ताइवान के उत्तर और दक्षिण में देखी गई, बल्कि पूर्वी तट के समीप भी गतिविधियाँ हुईं। समुद्र में चीन के गश्ती जहाजों की मौजूदगी ने ताइवान की नौसेना और तटरक्षक बल को हाई अलर्ट पर ला दिया है।
📣 आधिकारिक प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर कड़ा संदेश
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) के ज़रिए बयान जारी करते हुए कहा:
“हम स्थिति पर बारीकी से नज़र बनाए हुए हैं। ताइवान की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।”
📆 गतिविधियों का सिलसिला लगातार जारी
चीन की यह सैन्य गतिविधियाँ एक-दो दिन की नहीं हैं, बल्कि यह लगातार तीसरे दिन भी जारी रहीं:
- 3 अगस्त (रविवार): 5 चीनी विमान, 7 युद्धपोत
- 4 अगस्त (सोमवार): 5 विमान, 6 पोत
- 5 अगस्त (मंगलवार): 12 विमान, 5 पोत और एक सरकारी जहाज
यह पैटर्न न केवल सैन्य दबाव की रणनीति को दर्शाता है, बल्कि संभावित भविष्य के किसी बड़े कदम की भी तैयारी हो सकती है।
🌐 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: चिंता और समर्थन
हालांकि अभी तक अमेरिका या जापान की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह संभावना है कि आने वाले दिनों में क्वाड (QUAD) जैसे समूह और अन्य सहयोगी राष्ट्र चीन की इस आक्रामक नीति पर प्रतिक्रिया दें।
🔍 निष्कर्ष
ताइवान के चारों ओर चीन की गतिविधियाँ सिर्फ सैन्य शक्ति प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि यह कूटनीतिक दबाव और स्थानीय सुरक्षा अस्थिरता पैदा करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं। ताइवान सरकार पूरी सतर्कता के साथ अपनी रक्षा नीति को सक्रिय कर रही है, और दुनिया की निगाहें इस क्षेत्र में हो रहे हर बदलाव पर टिकी हुई हैं।