
जैसलमेर, राजस्थान | 5 अगस्त 2025
देश की सुरक्षा व्यवस्था को एक बड़ा झटका देते हुए राजस्थान के जैसलमेर में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के एक गेस्ट हाउस प्रबंधक को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में सुरक्षा एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया है। आरोपी की पहचान उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी महेन्द्र सिंह के रूप में हुई है।
🔍 वर्षों से दे रहा था संवेदनशील सूचनाएँ
सूत्रों के अनुसार, महेन्द्र सिंह पिछले चार से पाँच वर्षों से DRDO गेस्ट हाउस में तैनात था और वह लगातार भारतीय रक्षा से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएँ पाकिस्तान तक पहुंचा रहा था। बताया जा रहा है कि उसने भारत की सैन्य गतिविधियों, हथियारों के परीक्षण और सेना की मूवमेंट से संबंधित गोपनीय जानकारी ISI को भेजी।
🧾 DRDO केंद्र बना जासूसी का अड्डा
जिस DRDO गेस्ट हाउस में महेन्द्र सिंह कार्यरत था, वह पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज के पास स्थित है, जहां नियमित रूप से मिसाइल और हथियार परीक्षण होते रहते हैं। यह स्थान सेना और वायुसेना के लिए सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। महेन्द्र को इन गतिविधियों की सीधी जानकारी मिलती थी, जिसे वह कथित रूप से पाकिस्तान भेजता था।
📱 मोबाइल नंबर के ज़रिए होता था संपर्क
सूत्रों का कहना है कि महेन्द्र सिंह ने जो मोबाइल नंबर इस्तेमाल किया, वह संभवतः भारत में ही कार्यरत ISI एजेंटों द्वारा मुहैया कराया गया था। उसी नंबर के माध्यम से उसने सीमा पार खुफिया सूचनाएँ साझा कीं।
🗣️ पुलिस का बयान
जैसलमेर के पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने पुष्टि करते हुए बताया,
“आरोपी को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। मंगलवार को उसे गहन पूछताछ के लिए सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के समक्ष पेश किया जाएगा।”
SP शिवहरे ने आगे कहा कि आगे की पूछताछ से यह स्पष्ट होगा कि उसने अब तक कौन-कौन सी जानकारियाँ लीक की हैं और किन-किन लोगों से संपर्क में था।
⚠️ निष्कर्ष:
देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि दुश्मन की नजर केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि देश के भीतर भी सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता से एक बड़ा खतरा टल गया है, लेकिन अब जरूरत है अंदरूनी सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की।