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📰 सेना पर टिप्पणी को लेकर विवाद: प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी का किया समर्थन, प्रियंका गांधी का राहुल गांधी के समर्थन में बयान: सेना के सम्मान को बताया सर्वोच्च


”  – ‘राष्ट्रभक्ति और सेना का सम्मान हमारे खून में है’

नई दिल्ली, 5 अगस्त 2025 — कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा पूर्व में दिए गए एक बयान पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद, अब उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा उनके समर्थन में खुलकर सामने आई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी ने कभी भी भारतीय सेना की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का प्रयास नहीं किया, बल्कि वह सदैव सेना के सम्मान और बलिदान के प्रति संवेदनशील रहे हैं।

प्रियंका गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा:

“मेरे भाई ने कभी भी भारतीय सेना की निष्ठा या वीरता पर सवाल नहीं उठाया। उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है। विपक्ष का कार्य है सरकार से सवाल पूछना, न कि सेना पर उंगली उठाना।”

🔎 क्या है मामला?

राहुल गांधी ने 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान एक बयान में कहा था कि “चीन ने भारत की भूमि पर कब्जा किया है।” यह टिप्पणी अरुणाचल प्रदेश के यांग्त्से क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के बाद आई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस कथन को लेकर राहुल गांधी से कड़ी पूछताछ करते हुए कहा:

“क्या आपके पास इस दावे का कोई आधिकारिक या प्रामाणिक स्रोत है? इस प्रकार के बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को नुकसान पहुँचा सकते हैं।”

🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी के बयान को “देशविरोधी” करार दिया, जबकि कांग्रेस का दावा है कि यह सरकार की विदेश नीति और सीमाओं की सुरक्षा को लेकर उठाए गए वैध सवाल थे।

प्रियंका गांधी ने कहा:

“देशभक्ति कोई दिखावा नहीं होती। हमारे परिवार ने देश के लिए जानें दी हैं। राहुल गांधी ने केवल सीमा विवाद पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया था, सेना पर नहीं।”

📌 निष्कर्ष

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, विपक्ष की भूमिका और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस छेड़ दी है। प्रियंका गांधी का राहुल के समर्थन में खड़ा होना यह दर्शाता है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है, और वह सरकार से जवाबदेही की मांग करती रहेगी — लेकिन सेना के सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगी।


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