
नई दिल्ली, अगस्त 2025 — राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, नई दिल्ली में ग्लोबल टाइगर डे (GTD) 2025 के उपलक्ष्य में आयोजित सप्ताहभर के उत्सव का समापन उत्साह और संकल्प के साथ हुआ। इस कार्यक्रम ने वन्यजीव संरक्षण के प्रति नई चेतना और जनभागीदारी को प्रेरित किया।
इस महाअभियान में दिल्ली-एनसीआर के 27 विद्यालयों से 2000 से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने ‘बाघ और हाथियों को बचाने’ की शपथ ली और विभिन्न संरक्षण शिक्षा गतिविधियों में शामिल होकर वन्यजीवों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को रेखांकित किया।
इस अवसर पर आयोजित रैलियों, पोस्टर प्रतियोगिताओं, प्रदर्शनों और संवाद सत्रों ने बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और संरक्षण की भावना को सशक्त किया। बच्चों ने पोस्टरों और नारों के माध्यम से यह संदेश दिया कि बाघों और अन्य वन्य जीवों की रक्षा केवल सरकार की नहीं, हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस वर्ष का आयोजन इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने इसी सप्ताह के दौरान 6 नवजात बाघ शावकों का स्वागत किया — जो न केवल जैव विविधता के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि संरक्षण प्रयासों की सफलता का प्रतीक भी है।
इस समापन कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि यदि समाज, सरकार और भावी पीढ़ी मिलकर काम करें, तो भारत की समृद्ध वन्यजीव विरासत को संरक्षित किया जा सकता है।
संक्षेप में:
- 📍 आयोजन स्थल: राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, नई दिल्ली
- 📅 अवधि: ग्लोबल टाइगर डे 2025 के उपरांत 7 दिन
- 👥 सहभागिता: 27 स्कूलों से 2000+ छात्र व शिक्षक
- 🐯 विशेष उपलब्धि: 6 बाघ शावकों का जन्म
- 🌱 उद्देश्य: वन्यजीवों, विशेषकर बाघों व हाथियों के संरक्षण हेतु जनजागरूकता