
हर साल श्रावण मास के दौरान भारत के विभिन्न हिस्सों से लाखों शिवभक्त ‘बोल बम’ के जयघोष के साथ बाबा धाम की यात्रा पर निकलते हैं। इस पवित्र यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए भारतीय रेल ने एक बार फिर एक सराहनीय पहल की है।
रेल मंत्रालय ने 6 अगस्त 2025 से विशेष “श्रावणी मेला स्पेशल ट्रेनें” चलाने की घोषणा की है, जिससे श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) और अन्य पवित्र स्थलों तक आसानी से पहुँच सकें। इस कदम से न केवल भक्तों की आस्था को सम्मान मिला है, बल्कि परिवहन व्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
🛤️ चलेंगी ये विशेष ट्रेनें:
रेल मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार, 6 अगस्त 2025 को निम्नलिखित विशेष ट्रेनें चलाई जाएंगी: गाड़ी संख्या ट्रेन नाम 05027 देवघर – बगनी स्पेशल ट्रेन 03553 आसनसोल – दानापुर स्पेशल ट्रेन 05925 देवघर – डिब्रूगढ़ स्पेशल ट्रेन 03146 जसीडीह – दुमका स्पेशल ट्रेन
🕉️ शिवभक्ति को मिली सुविधा की पटरियाँ
इन ट्रेनों का संचालन खास तौर पर उन यात्रियों के लिए किया जा रहा है जो श्रावण मास के दौरान काँवर यात्रा के अंतर्गत बाबा भोलेनाथ के दर्शन हेतु यात्रा करते हैं। हजारों किलोमीटर की यात्रा को रेलवे ने सुरक्षित, सुविधाजनक और समयबद्ध बनाकर शिवभक्तों के लिए एक उपहार दिया है।
इन विशेष ट्रेनों में पर्याप्त संख्या में बोगियाँ, सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था की गई है ताकि कोई भी यात्री असुविधा का शिकार न हो। रेलवे का यह प्रयास देशभर में श्रद्धालुओं की सुविधा और भावनाओं को समझते हुए किया गया एक अनुकरणीय उदाहरण है।
🚩 सामाजिक समरसता और धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन
श्रावणी मेला न केवल धार्मिक भावना का प्रतीक है, बल्कि यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। लाखों श्रद्धालु जब एक स्थान पर एकत्र होते हैं, तो स्थानीय व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्रों को भी व्यापक लाभ होता है। भारतीय रेलवे इस समरसता का सेतु बनकर कार्य कर रहा है।
निष्कर्ष:
श्रावण मास की पवित्रता और भक्ति में भारतीय रेलवे की यह पहल आस्था को पंख देने जैसा है। यह केवल ट्रेनों का संचालन नहीं, बल्कि एक संकल्प है – हर श्रद्धालु तक सुरक्षित, तेज़ और सुविधाजनक यात्रा पहुँचाने का। बाबा बैद्यनाथ के दरबार तक हर भक्त का पहुंचना अब और भी आसान हो गया है।
हर हर महादेव! 🚩