
भारत की अर्थव्यवस्था एक बार फिर उभार की ओर अग्रसर है। प्रतिष्ठित कंसल्टिंग फर्म Deloitte India ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2025–26 में देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 6.4% से 6.7% तक की वृद्धि हो सकती है। यह आंकड़ा भारत की स्थिर नीति, मजबूत घरेलू मांग, और बुनियादी ढांचे में निरंतर निवेश की सफलता को दर्शाता है।
🏗️ विकास के प्रमुख स्तंभ:
1️⃣ मजबूत घरेलू उपभोग:
शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति में वृद्धि देखी गई है। लोगों की जीवनशैली में बदलाव और आय में वृद्धि ने आंतरिक मांग को बढ़ावा दिया है, जो GDP की मजबूती का आधार बन रहा है।
2️⃣ सार्वजनिक निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर में तेजी:
सरकार द्वारा रेलवे, राजमार्ग, बिजली, और डिजिटल नेटवर्क में किए जा रहे निवेश ने आर्थिक गतिविधियों को गति दी है। ये प्रयास भारत को दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता की ओर ले जा रहे हैं।
3️⃣ अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका:
भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को आगे बढ़ाया है, जिससे भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनकर उभरा है। इससे निर्यात और विदेशी निवेश में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत हुई है।
🌍 जनसांख्यिकीय लाभ और तकनीकी अपनाने की गति भी सहायक:
Deloitte ने यह भी कहा कि भारत की युवा आबादी, डिजिटल नवाचार को अपनाने की तेजी, और स्टार्टअप संस्कृति की मजबूती अर्थव्यवस्था को गति देने वाले अन्य महत्वपूर्ण कारक हैं।
📌 निष्कर्ष:
भारत का भविष्य आर्थिक दृष्टिकोण से बेहद उज्ज्वल नजर आ रहा है। Deloitte का यह आकलन केवल आँकड़ों का पूर्वानुमान नहीं है, बल्कि यह उस विकासशील भारत की तस्वीर पेश करता है जो नीति, नवाचार और नवउत्थान की राह पर आगे बढ़ रहा है।