
जॉर्जिया (संयुक्त राज्य अमेरिका), 7 अगस्त 2025 – अमेरिका की एक प्रमुख सैन्य चौकी, फोर्ट स्टीवर्ट में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई जब एक सक्रिय ड्यूटी पर तैनात सैनिक ने अपने ही साथियों पर गोलियां चला दीं। इस दुखद घटना में कुल पांच सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत नाजुक बताई गई है।
घटना का समय और स्थान
यह भीषण हमला सुबह 11 बजे के आसपास दूसरी बख्तरबंद ब्रिगेड कॉम्बैट टीम क्षेत्र के अंदर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब सैनिक अपने सामान्य कार्यों में व्यस्त थे, तभी हमलावर ने अचानक अपनी व्यक्तिगत हैंडगन निकालकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। तुरंत सुरक्षा बल हरकत में आए और करीब 35 मिनट बाद हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया।
घायलों की स्थिति और इलाज
घायल हुए सैनिकों में से दो को सवाना स्थित मेमोरियल हेल्थ यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर में भेजा गया, जबकि तीन अन्य का इलाज फोर्ट स्टीवर्ट के मिलिट्री अस्पताल में चल रहा है। सेना ने पुष्टि की है कि घायलों की हालत अब नियंत्रण में है और डॉक्टरों द्वारा निगरानी में रखा गया है।
हमलावर की पहचान और इतिहास
गिरफ्तार किए गए सैनिक की पहचान 28 वर्षीय सार्जेंट क्वोरनेलियस रैडफोर्ड के रूप में हुई है। वह जैक्सनविल, फ्लोरिडा का निवासी है और वर्ष 2018 में अमेरिकी सेना में भर्ती हुआ था। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, उसके खिलाफ कोई बड़ा अनुशासनिक मामला नहीं रहा है, लेकिन मई 2025 में शराब के नशे में वाहन चलाने के मामले में उसकी गिरफ्तारी जरूर हुई थी।
जांच प्रक्रिया और संभावित आरोप
घटना की जांच अमेरिकी सेना की आंतरिक अपराध जांच इकाई (CID) के साथ-साथ ऑफिस ऑफ स्पेशल ट्रायल काउंसिल (OSTC) द्वारा की जा रही है। संभावना है कि आरोपी के खिलाफ सामान्य कोर्ट-मार्शल की कार्यवाही शुरू की जाएगी, जो सेना में सबसे गंभीर सजा की प्रक्रिया मानी जाती है।
प्रतिक्रिया और चिंता
इस घटना ने एक बार फिर अमेरिका में सैन्य मानसिक स्वास्थ्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय की ड्यूटी, व्यक्तिगत तनाव और भावनात्मक दबाव जैसी स्थितियां इस प्रकार की घटनाओं का कारण बन सकती हैं।
राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है और जांच एजेंसियों को पारदर्शी और निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया गया है। सैन्य नेतृत्व ने भी इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा है कि इससे सेना की एकता और अनुशासन पर चोट पहुंची है।
निष्कर्ष
फोर्ट स्टीवर्ट की यह त्रासदी न केवल सुरक्षा और अनुशासन के लिए खतरे की घंटी है, बल्कि यह भी स्पष्ट करती है कि सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर और अधिक गहराई से ध्यान देना आवश्यक है। ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए, अमेरिका सहित सभी देशों को अपने सशस्त्र बलों में मानसिक सशक्तिकरण और नियमित परामर्श प्रणाली को सुदृढ़ बनाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।