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लाल किले में पुराने कारतूस और सर्किट बोर्ड मिलने से मचा हड़कंप, स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट


नई दिल्ली, 7 अगस्त 2025 – स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के बीच देश की राजधानी में स्थित ऐतिहासिक लाल किला एक बार फिर सुरक्षा कारणों से सुर्खियों में आ गया है। बीते दिनों दिल्ली पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष तलाशी अभियान में वहां से दो पुराने कारतूस और एक टूटा हुआ सर्किट बोर्ड बरामद किया गया, जिससे सुरक्षा तंत्र में हलचल मच गई है।

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह तलाशी अभियान स्वतंत्रता दिवस से पहले किले की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था। तलाशी के दौरान मिली संदिग्ध वस्तुओं में कारतूस काफी पुराने और निष्क्रिय अवस्था में पाए गए हैं, वहीं सर्किट बोर्ड क्षतिग्रस्त स्थिति में था और फिलहाल उसकी प्रकृति और उद्देश्य का पता नहीं चल पाया है।

पुलिस ने तत्काल प्रभाव से इन वस्तुओं को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इनका लाल किले में होना महज संयोग है या किसी गहरी साजिश की ओर इशारा करता है। शुरुआती अनुमानों में यह संभावना जताई गई है कि सर्किट बोर्ड संभवतः किसी पिछली सरकारी या सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान प्रकाश उपकरणों या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में प्रयुक्त हुआ हो सकता है।

इस घटना के मद्देनज़र अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस विभिन्न कोणों से जांच में जुटी है कि ये वस्तुएं किले परिसर में कैसे पहुंचीं। दिल्ली पुलिस ने यह भी पुष्टि की है कि वह सुरक्षा से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले भी लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ चुकी है। एक डमी बम को समय रहते न पहचान पाने की घटना के बाद सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था, जिनमें कई कॉन्स्टेबल और हेड कॉन्स्टेबल शामिल थे। इन पर कर्तव्य में लापरवाही का आरोप लगा था।

स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व से पहले, जब प्रधानमंत्री लाल किले से देश को संबोधित करते हैं, ऐसे में सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक गंभीर परिणाम ला सकती है। इस कारण से दिल्ली पुलिस ने अपने प्रयासों को और तेज कर दिया है, जिसमें दैनिक मॉक ड्रिल, बम डिटेक्शन और तलाशी अभियान शामिल हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना आवश्यक है। सुरक्षा तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है, और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी तरह की संभावित चूक को समय रहते रोका जा सके।


निष्कर्षतः, लाल किले में मिली यह संदिग्ध वस्तुएं एक बार फिर यह याद दिलाती हैं कि राष्ट्रीय धरोहरों की सुरक्षा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक निरंतर और जिम्मेदार प्रक्रिया होनी चाहिए। उम्मीद है कि जांच एजेंसियां इस मामले में सच्चाई तक पहुंचकर देश को भरोसा दिलाएंगी।


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