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ममता बनर्जी का आरोप: “डबल इंजन सरकार नागरिकता छीनने की साजिश रच रही है”


झारग्राम (पश्चिम बंगाल), 7 अगस्त — पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार राज्य में नागरिकों की नागरिकता को खत्म करने की साजिश कर रही है।

मुख्यमंत्री ने झारग्राम में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए सवाल उठाया, “क्या हम सच में स्वतंत्र हैं? क्या हमें अपनी नागरिकता गंवाने का डर होना चाहिए?” उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहें और ऐसी साजिशों के खिलाफ एकजुट हों।

रोहिंग्या बताकर नागरिकों को टारगेट करने का आरोप

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पश्चिम बंगाल के मूल निवासियों को रोहिंग्या बताकर हिरासत में लेने की कोशिश कर रही है और उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की धमकी दे रही है। उन्होंने कहा, “यह हमारे अस्तित्व पर हमला है। वे हमें बाहरी बताकर हमारी नागरिकता खत्म करना चाहते हैं। हम इस साजिश को सफल नहीं होने देंगे।”

मुख्यमंत्री ने आगे दावा किया कि भाजपा जनकल्याण से ध्यान भटका रही है और बार-बार मुद्दों को भटकाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।

1912 के नोट का ज़िक्र

अपने भाषण के दौरान ममता बनर्जी ने कहा, “मेरे पास 1912 का एक दस रुपये का नोट है, जिस पर बंगाली भाषा में लिखा हुआ है। यह इस बात का प्रमाण है कि बंगाल और बंगाली संस्कृति भारत की विरासत का अभिन्न हिस्सा है।”

भाजपा की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, भाजपा नेता और बंगाल प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी के आरोपों को नकारते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अवैध मतदाताओं पर निर्भर रहकर सत्ता में बने रहना चाहती हैं। उन्होंने कहा, “अगर ममता बनर्जी सोचती हैं कि अवैध प्रवासियों, रोहिंग्याओं और फर्जी वोटरों के सहारे चौथी बार सत्ता में लौट आएंगी, तो यह उनकी भूल है।”

भट्टाचार्य ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार बताया और कहा कि ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट जाकर अपनी बात रख सकती हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि “यह सरकार अब नहीं बचेगी।”

बंगाली भाषियों के समर्थन में विरोध मार्च

इससे पहले ममता बनर्जी ने भाजपा शासित राज्यों में रह रहे बंगाली भाषी नागरिकों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज किया। उन्होंने इसे बंगाली पहचान और सम्मान के लिए संघर्ष बताया।


निष्कर्ष

ममता बनर्जी और भाजपा के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप के इस दौर ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को फिर गर्मा दिया है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री नागरिकता और सांस्कृतिक पहचान को लेकर जनता को चेतावनी दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा अवैध मतदाताओं को हटाने की बात कह रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में अहम मोड़ साबित हो सकता है।


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