
दक्षिण-पूर्व एशिया में तनाव कम करने और स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक अहम प्रगति हुई है। अमेरिका की पहल और मध्यस्थता से थाईलैंड व कंबोडिया के बीच संघर्षविराम पर सहमति बन गई है। यह घोषणा 8 अगस्त 2025 को अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने सार्वजनिक रूप से की।
🕊️ तनावपूर्ण पृष्ठभूमि
पिछले कई महीनों से दोनों देशों की सीमाओं पर सैन्य गतिविधियों और स्थानीय झड़पों के कारण माहौल अशांत था। सीमा विवाद ने न केवल द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ाया, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर खतरा पैदा कर दिया था। इस जटिल स्थिति को सुलझाने के लिए अमेरिका के प्रयासों से दोनों देशों के प्रतिनिधि मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में चार दिन तक वार्ता में शामिल हुए।
🤝 मलेशिया की अहम भागीदारी
अमेरिकी विदेश सचिव ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की सराहना करते हुए लिखा—
“अमेरिकी राष्ट्रपति @POTUS के मार्गदर्शन में थाईलैंड और कंबोडिया के बीच संघर्षविराम पर सहमति बनी। मलेशिया के प्रधानमंत्री @anwaribrahim की नेतृत्व क्षमता और मेजबानी के लिए हम आभारी हैं। हम मलेशिया, ASEAN और दोनों देशों को इस शांति प्रक्रिया में आगे भी सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
🌏 क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में सकारात्मक संकेत
यह समझौता सिर्फ थाईलैंड और कंबोडिया के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे ASEAN क्षेत्र के लिए उम्मीद की किरण है। इसने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और संवाद से जटिल विवादों का समाधान संभव है। अमेरिका की सक्रिय भूमिका और मलेशिया की निष्पक्ष मेजबानी इस सफलता के प्रमुख कारण रहे।
🔍 भविष्य की चुनौतियाँ और अवसर
अब जबकि संघर्षविराम लागू हो चुका है, असली परीक्षा विश्वास बहाली, सीमा प्रबंधन और दीर्घकालिक शांति सुनिश्चित करने में होगी। ASEAN की भागीदारी आगे भी महत्वपूर्ण रहेगी, और अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह इस मिशन में लगातार सहयोग देता रहेगा।