
7 अगस्त 2025 को मास्को में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और रूस के सुरक्षा परिषद सचिव सर्गेई शोइगु की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस उच्चस्तरीय संवाद का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और अधिक गहरा व प्रभावी बनाना था।
🔍 प्रमुख चर्चा विषय
रक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी रणनीतियों और क्षेत्रीय स्थिरता पर विचार-विमर्श।
नए रक्षा और तकनीकी समझौतों की संभावनाओं पर चर्चा।
वैश्विक चुनौतियों का संयुक्त रूप से सामना करने की रणनीति पर मंथन।
🏛️ पुतिन से भेंट का विशेष महत्व
इस बैठक से पहले अजीत डोभाल ने क्रेमलिन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की। पुतिन द्वारा व्यक्तिगत आमंत्रण इस बात का प्रतीक है कि रूस भारत को एक विश्वसनीय, दीर्घकालिक और प्राथमिक रणनीतिक सहयोगी मानता है। यह भेंट भारत-रूस के बीच गहरे विश्वास और साझेदारी की पुष्टि करती है।
🌐 बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में अहमियत
भारत और रूस का सहयोग दशकों से वैश्विक मंच पर प्रभावशाली रहा है। मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति—जैसे यूक्रेन संकट, एशिया-प्रशांत में शक्ति संतुलन और ऊर्जा सुरक्षा—में यह साझेदारी और भी महत्वपूर्ण हो गई है। दोनों देशों की नीतिगत तालमेल से वैश्विक स्थिरता में योगदान की संभावना प्रबल है।
📢 आधिकारिक प्रतिक्रिया
रूस में भारतीय दूतावास और रूसी दूतावास दोनों ने इस बैठक को ऐतिहासिक बताया। रूसी दूतावास ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“7 अगस्त को रूस के सुरक्षा परिषद सचिव सर्गेई शोइगु ने भारत के NSA अजीत डोभाल से भेंट की। वार्ता में #RussiaIndia विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।”
🔮 भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक आने वाले समय में रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और तकनीकी क्षेत्रों में नई परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगी। साथ ही, यह वैश्विक शक्ति संतुलन में भारत-रूस की संयुक्त भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाएगी।