
भारत में नवाचार और शोध संस्कृति को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने एक नई प्रेरक पहल शुरू की है—S.H.I.N.E. यानी Science & Health Innovation for the NextGen Explorers। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश से प्रेरित है, जिसमें उन्होंने छात्रों को “एक दिन वैज्ञानिक की तरह सोचने और कार्य करने” का अनुभव लेने की अपील की थी।
🔬 S.H.I.N.E. का उद्देश्य
इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद है—युवाओं में विज्ञान और स्वास्थ्य संबंधी शोध के प्रति जिज्ञासा पैदा करना, उन्हें प्रयोगशालाओं और शोध केंद्रों के कार्य-प्रणाली से परिचित कराना, और भविष्य के वैज्ञानिकों को तैयार करना। इसे ICMR और राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान (NIMR) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
🎙️ शुरुआत का उत्सव
उद्घाटन समारोह में ICMR के महानिदेशक ने कहा—
“आज के ये उत्साही विद्यार्थी कल के वैज्ञानिक होंगे, जो भारत को #विकसितभारत के लक्ष्य तक ले जाएंगे।”
समारोह में कई विशिष्ट अतिथि मौजूद थे, जबकि सफेद कैप पहने छात्र पूरे जोश के साथ इसमें भाग ले रहे थे।
🧠 Dr. Curio: जिज्ञासा का प्रतीक
युवाओं को विज्ञान से जोड़ने के लिए ICMR ने एक विशेष शुभंकर “Dr. Curio” पेश किया है, जो जिज्ञासा, खोज और नवाचार की भावना को दर्शाता है। यह नन्हा वैज्ञानिक-चरित्र बच्चों और युवाओं में विज्ञान के प्रति आकर्षण बढ़ाने में मदद करेगा।
🌱 यह पहल क्यों खास है?
- छात्रों को वास्तविक प्रयोगशाला अनुभव प्रदान करती है।
- विज्ञान और स्वास्थ्य अनुसंधान में करियर की राह खोलती है।
- देश के विकास के लिए वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देती है।
💬 सोशल मीडिया पर प्रभाव
ICMR की इस पहल को ट्विटर (X) पर #SHINEAtICMR और #ViksitBharat हैशटैग के साथ खूब सराहा जा रहा है। कई शिक्षाविदों, छात्रों और शोधकर्ताओं ने इसे भारत के वैज्ञानिक भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।