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🚀 KALAM 1200 सॉलिड मोटर: विक्रम-1 के पहले चरण का सफल स्थैतिक परीक्षण


सांकेतिक तस्वीर

भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखते हुए, स्काईरूट एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड ने 8 अगस्त 2025 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में KALAM 1200 सॉलिड रॉकेट मोटर का सफल स्थैतिक परीक्षण किया। यह मोटर विक्रम-1 लॉन्च व्हीकल का पहला चरण है और इस परीक्षण के सफल होने से भारत की निजी अंतरिक्ष उड़ान के सपने को नई उड़ान मिली है।

KALAM 1200: तकनीकी विशेषताएँ और महत्व

KALAM 1200 एक ठोस ईंधन रॉकेट मोटर है, जिसे पूरी तरह से भारत में विकसित किया गया है। इस मोटर का नाम भारत के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइल तकनीक के जनक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के सम्मान में रखा गया है। यह मोटर उच्च प्रदर्शन क्षमता के साथ उपग्रह प्रक्षेपण के लिए आवश्यक शक्ति प्रदान करता है। इसके विकसित होने से भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में स्वदेशी और निजी प्रयासों को बल मिला है।

विक्रम-1: छोटे उपग्रहों के लिए एक नई शुरुआत

विक्रम-1 स्काईरूट एयरोस्पेस का पहला प्रक्षेपण यान है, जिसे छोटे उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। यह तीन चरणों वाला रॉकेट है, जिसमें KALAM 1200 पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। इस मोटर के सफल परीक्षण ने विक्रम-1 के पहले प्रक्षेपण को और भी विश्वसनीय बना दिया है।

इसरो की भूमिका और आगे का रास्ता

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने इस परीक्षण की सफलता की पुष्टि की और इसे भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। इसरो की देखरेख और मार्गदर्शन में हुए इस परीक्षण ने यह दर्शाया कि भारत में निजी क्षेत्र के साथ मिलकर अंतरिक्ष तकनीक में कितनी प्रगति हो रही है।

आने वाले महीनों में विक्रम-1 रॉकेट की पहली उड़ान की तैयारी पूरी होने की उम्मीद है, जो भारत के निजी अंतरिक्ष प्रयासों को नई दिशा देगी और छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण को और अधिक सस्ता एवं सुविधाजनक बनाएगी।


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