
कोलकाता — रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक विशेष संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने राज्य की धरती, जल, वायु और प्राकृतिक संपदा के लिए ईश्वर से सदैव कृपा बनाए रखने की कामना की।
उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि बंगाल की माटी, उसकी नदियाँ, हवाएँ और उपज—ये सभी प्रकृति के अनमोल खजाने हैं, जिन्हें संरक्षित रखना और उनके प्रति कृतज्ञ होना हम सबका कर्तव्य है। उनके अनुसार, यह आशीर्वाद केवल भौतिक संसाधनों के लिए नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत, आपसी सौहार्द और भाईचारे की परंपरा के लिए भी उतना ही आवश्यक है।
बंगाल में रक्षाबंधन का त्योहार, जिसे यहां “राखी बंधन” भी कहा जाता है, सिर्फ भाई-बहन के रिश्ते का उत्सव नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग को एकजुट करने वाला प्रतीक बन चुका है। ममता बनर्जी का संदेश इसी व्यापक सोच को दर्शाता है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और मानवीय संबंधों की गहराई को एक साथ जोड़ा गया है।
सोशल मीडिया पर उनका यह भावपूर्ण संदेश तेजी से साझा हुआ। कई नागरिकों ने उन्हें “दीदी” कहकर शुभकामनाएं दीं, तो कुछ ने प्रार्थना और आशीर्वाद के संकेत वाले इमोजी के साथ अपने समर्थन और सम्मान का इज़हार किया।
ममता बनर्जी का यह संदेश त्योहार की बधाई से आगे बढ़कर एक याद दिलाता है—कि प्रकृति की रक्षा, सांस्कृतिक धरोहर का सम्मान और आपसी भाईचारा, यही बंगाल की असली पहचान है।